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सेंधा,​​​​​​ काला, पिंक या साधारण नमक? रोजाना खाने के लिए कौन सा है बेहतर, जानें जरूरी बातें

सेंधा,​​​​​​ काला, पिंक या साधारण नमक? रोजाना खाने के लिए कौन सा है बेहतर, जानें जरूरी बातें

खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नमक जरूरी है, लेकिन सेहत के लिहाज से सही नमक चुनना भी महत्वपूर्ण है। आजकल सेंधा नमक, हिमालयन पिंक सॉल्ट और समुद्री नमक को साधारण नमक से बेहतर बताकर इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। कुछ लोग मानते हैं कि इन नमक में ज्यादा मिनरल्स होते हैं, जबकि कुछ लोग ब्लड प्रेशर को ध्यान में रखकर नमक बदलते हैं।

लेकिन क्या महंगा या प्राकृतिक दिखने वाला नमक वास्तव में ज्यादा फायदेमंद होता है? रोजाना इस्तेमाल के लिए नमक चुनते समय उसकी कीमत और रंग से ज्यादा आयोडीन की उपलब्धता, सोडियम की मात्रा और अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।

1. साधारण आयोडीन युक्त नमक

रोजाना खाना बनाने के लिए आयोडीन युक्त साधारण नमक एक व्यावहारिक विकल्प है। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी है और शरीर की सामान्य वृद्धि तथा मस्तिष्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सेंधा नमक, समुद्री नमक और पिंक सॉल्ट में प्राकृतिक रूप से आयोडीन की मात्रा आमतौर पर पर्याप्त नहीं होती, जब तक उनमें अलग से आयोडीन न मिलाया गया हो। इसलिए इनका इस्तेमाल करने पर आयोडीन की जरूरत पूरी होने की गारंटी नहीं होती।

ध्यान रखें: आयोडीन युक्त नमक इस्तेमाल करने का मतलब यह नहीं है कि इसे ज्यादा मात्रा में खाया जाए। नमक की कुल मात्रा सीमित रखना भी जरूरी है।

2. सेंधा नमक

सेंधा नमक व्रत-उपवास और रोजमर्रा के कुछ व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है। इसका स्वाद और बनावट साधारण नमक से अलग हो सकती है, लेकिन इसे अपने आप में ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक नहीं माना जा सकता।

इसमें भी सोडियम होता है और इसकी आयोडीन की मात्रा आमतौर पर आयोडीन युक्त साधारण नमक से कम होती है। इसलिए केवल ब्लड प्रेशर को ध्यान में रखकर साधारण नमक की जगह सेंधा नमक लेना सोडियम कम करने का भरोसेमंद तरीका नहीं है।

3. हिमालयन पिंक सॉल्ट

गुलाबी रंग के कारण हिमालयन पिंक सॉल्ट को कई बार खास मिनरल्स से भरपूर बताकर प्रचारित किया जाता है। इसमें कुछ खनिज बहुत कम मात्रा में मौजूद हो सकते हैं, लेकिन सामान्य भोजन में इस्तेमाल होने वाली मात्रा से इनका पोषण संबंधी योगदान सीमित रहता है।

इसे खाने से शरीर को विशेष मात्रा में आयरन या अन्य मिनरल्स मिलेंगे, ऐसा मानना सही नहीं है। साथ ही, यदि यह आयोडीन युक्त नहीं है, तो यह आयोडीन की जरूरत पूरी करने का भरोसेमंद विकल्प नहीं है।

4. समुद्री नमक

समुद्री नमक समुद्री पानी को सुखाकर तैयार किया जाता है। इसके दाने और स्वाद अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सोडियम की मात्रा के लिहाज से यह साधारण नमक का सुरक्षित विकल्प तभी है, जब इसकी कुल मात्रा नियंत्रित रखी जाए।

समुद्री नमक में भी आयोडीन की मात्रा आमतौर पर पर्याप्त नहीं होती, जब तक इसे आयोडीन से समृद्ध न किया गया हो। इसके अलावा, नमक के अलग-अलग उत्पादों में अशुद्धियों की मात्रा अलग हो सकती है। इसलिए केवल प्राकृतिक या प्रीमियम लिखे होने के आधार पर इसे ज्यादा सेहतमंद नहीं मानना चाहिए।

5. काला नमक

काला नमक अपने खास स्वाद और गंध के लिए जाना जाता है। इसे चाट, सलाद, रायता और छाछ में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसे गैस, एसिडिटी या पेट की दूसरी समस्याओं का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता।

इसमें भी सोडियम होता है, इसलिए इसे खाने से नमक की कुल मात्रा बढ़ सकती है। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल करना ठीक है, लेकिन इसे असीमित मात्रा में खाना सही नहीं है।

6. लो-सोडियम या लाइट सॉल्ट

कुछ लो-सोडियम नमक में साधारण सोडियम क्लोराइड के एक हिस्से की जगह पोटैशियम क्लोराइड मिलाया जाता है। इससे सोडियम का सेवन कम करने में मदद मिल सकती है और कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए यह उपयोगी विकल्प हो सकता है।

लेकिन यह नमक हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। किडनी की बीमारी, खून में पोटैशियम बढ़ने की समस्या या पोटैशियम पर असर डालने वाली दवाएं लेने वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

रोजाना कितना नमक खाना चाहिए?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वयस्कों को एक दिन में कुल 5 ग्राम से कम नमक खाने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसमें घर पर खाना बनाते समय डाला गया नमक और पैकेट वाले खाद्य पदार्थों, नमकीन, अचार, सॉस आदि से मिलने वाला नमक भी शामिल है।

नमक कम करने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • खाना बनाते समय नमक की मात्रा सीमित रखें।
  • पैकेट वाले खाद्य पदार्थ खरीदते समय सोडियम की मात्रा जांचें।
  • स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, लहसुन, अदरक और अन्य मसालों का इस्तेमाल करें।
  • हाई ब्लड प्रेशर होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार आहार में बदलाव करें।
  • आयोडीन की जरूरत पूरी करने के लिए आयोडीन युक्त नमक को प्राथमिकता दें।

आखिर कौन सा नमक चुनना बेहतर है?

रोजाना इस्तेमाल के लिए आयोडीन युक्त साधारण नमक एक अच्छा व्यावहारिक विकल्प है। सेंधा, काला, समुद्री और पिंक सॉल्ट का इस्तेमाल स्वाद के लिए किया जा सकता है, लेकिन इन्हें साधारण नमक से ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक मानने के पर्याप्त आधार नहीं हैं। वहीं, लो-सोडियम नमक कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, पर इसका चुनाव स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य पोषण संबंधी जानकारी पर आधारित है। यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी या पोटैशियम से जुड़ी समस्या है, तो नमक के प्रकार और मात्रा में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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