
नई दिल्ली: ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने से जुड़ा नियम एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय रेलवे में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट की बिजली बंद रखने का प्रावधान पहले से मौजूद है। अब रेलवे बोर्ड ने इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने और इसमें किसी तरह की छूट नहीं देने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य ट्रेन में आग लगने और बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रहेंगे चार्जिंग पॉइंट
रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेनों में लगे चार्जिंग सॉकेट की बिजली आपूर्ति बंद रखी जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी निर्देश देने के साथ प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है। नियम का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच के लिए औचक निरीक्षण भी किए जाने की बात कही गई है।
इस व्यवस्था का मतलब है कि निर्धारित समय के दौरान यात्री ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल करके मोबाइल फोन या पावर बैंक चार्ज नहीं कर सकेंगे। इसलिए रात में सफर करने वाले यात्रियों को निकलने से पहले अपने फोन और दूसरे जरूरी उपकरणों को चार्ज कर लेना चाहिए।
ओडिशा में पावर बैंक फटने की घटना के बाद बढ़ी सख्ती
बताया जा रहा है कि ओडिशा में मुंबई-हावड़ा मेल के एक कोच में चार्जिंग के दौरान पावर बैंक फटने की घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, रात के समय चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की व्यवस्था नई नहीं है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि रेलवे बोर्ड ने 19 जून 2014 को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। बाद में अलग-अलग रेलवे जोन में भी इस व्यवस्था को लागू करने के कदम उठाए गए। इसका उद्देश्य रात के समय चार्जिंग से जुड़े संभावित खतरों को कम करना है।
ट्रेन में आग से बचाव के लिए क्या हैं प्रावधान?
रेलवे में आग और अन्य दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ज्वलनशील वस्तुओं तथा धूम्रपान से संबंधित नियम भी लागू हैं। खबर में उल्लेखित रेलवे अधिनियम की धारा 164 के तहत प्रतिबंधित विस्फोटक या ज्वलनशील सामग्री को नियमों के विरुद्ध ले जाने पर दंड का प्रावधान है। इसमें जुर्माना और कारावास जैसी सजा हो सकती है। कार्रवाई संबंधित कानून और मामले की परिस्थितियों के अनुसार की जाती है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे ट्रेन में प्रतिबंधित ज्वलनशील सामग्री न ले जाएं और किसी भी तरह की आग या धुएं की स्थिति दिखाई देने पर तुरंत रेलवे कर्मचारी को सूचित करें।
क्या रात 10 बजे के बाद टीटीई टिकट चेक नहीं कर सकता?
ट्रेन में रात के समय टिकट जांच को लेकर भी एक नियम का अक्सर जिक्र होता है। सामान्य तौर पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सो रहे यात्रियों को टिकट जांच के लिए परेशान नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, यह नियम हर परिस्थिति में लागू नहीं होता। रात 10 बजे के बाद ट्रेन में चढ़ने वाले यात्रियों या टिकट संबंधी जांच की जरूरत वाले मामलों में टिकट मांगा जा सकता है।
सामान ले जाने की सीमा भी यात्रा की श्रेणी और रेलवे के लागू नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए यात्रा से पहले अपने टिकट और संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित सामान सीमा की जानकारी लेना बेहतर है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
रात में ट्रेन से यात्रा करने वालों को मोबाइल फोन और पावर बैंक पहले से चार्ज करके रखना चाहिए। चार्जिंग के दौरान उपकरण गर्म होने, बैटरी फूलने या असामान्य गंध आने पर उसका इस्तेमाल बंद कर दें। क्षतिग्रस्त चार्जर या बैटरी का उपयोग करने से बचें और रेलवे के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। यात्रा से जुड़े नियमों और उनके वर्तमान क्रियान्वयन की पुष्टि के लिए भारतीय रेलवे की आधिकारिक सूचना देखना उचित होगा।



