
मेरठ, उत्तर प्रदेश: पति की हत्या के मामलों में मृत्युदंड की सजा पा चुकीं मुस्कान रस्तोगी और रविता इस बार जेल में अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी। दोनों महिलाओं ने अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए त्योहार मनाने की तैयारी की है। इसके लिए उन्होंने पूजन सामग्री भी ली है। मेरठ जेल में बंद अन्य महिलाओं ने भी इस पर्व को मनाने की इच्छा जताई है।
जेल में 65 महिलाएं रखेंगी अहोई अष्टमी का व्रत
जेल प्रशासन के मुताबिक, मुस्कान और रविता को पूजा के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों के अलावा जेल में बंद 63 अन्य महिलाओं ने भी पूजन सामग्री ली है। इस तरह कुल 65 महिलाएं अहोई अष्टमी का व्रत रखने की तैयारी में हैं।
अहोई अष्टमी का पर्व संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर अहोई माता की पूजा करती हैं।
सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान को मिली मृत्युदंड की सजा
मुस्कान रस्तोगी सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी ठहराई गई है। अदालत ने 14 अक्टूबर को मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
अभियोजन पक्ष के मामले के मुताबिक, मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या की थी। इसके बाद शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में रखा गया था और बदबू रोकने के लिए उसमें सीमेंट भर दिया गया था।
मृत्युदंड के फैसले को मुस्कान और साहिल ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी अपील स्वीकार कर ली गई है और रिपोर्ट के अनुसार, मामले में 30 नवंबर को बहस प्रस्तावित है।
अमित हत्याकांड में रविता को भी मिली फांसी की सजा
दूसरी ओर, रविता को बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी अमित की हत्या के मामले में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रविता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी और सांप से डसवाकर उसकी जान ली गई थी।
दोनों महिलाएं फिलहाल मेरठ जेल में बंद हैं। इस बार अहोई अष्टमी पर वे अपने बच्चों के लिए व्रत रखकर पूजा करेंगी।
बच्चों की खुशहाली के लिए करेंगी प्रार्थना
अहोई अष्टमी मां और संतान के रिश्ते से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करती हैं। जेल में बंद मुस्कान और रविता भी इसी परंपरा के तहत व्रत रखने की तैयारी कर रही हैं।
दोनों को पूजन सामग्री उपलब्ध कराए जाने के बाद जेल में त्योहार मनाने की व्यवस्था की गई है।
सत्यम रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और जेल प्रशासन से संबंधित बयानों पर आधारित है। न्यायिक मामलों से जुड़ी जानकारी संबंधित अदालती आदेशों के संदर्भ में देखी जानी चाहिए।



