
रांची, झारखंड: जन सुराज पार्टी के डिजिटल मीडिया मैनेजर देवपालिक गुप्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रेन से लापता होने के बाद उनका शव रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में मिला। देवपालिक के बड़े भाई जगजीतम कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके भाई को चलती ट्रेन से धक्का दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की है। वहीं, पुलिस उनके साथ यात्रा कर रहे दो दोस्तों से पूछताछ कर रही है।
भाई ने उठाए कई सवाल, हत्या की आशंका जताई
बुधवार को रांची स्थित रिम्स में पोस्टमार्टम के दौरान देवपालिक के बड़े भाई ने उनकी मौत को लेकर संदेह जताया। उनका कहना है कि जिस जगह शव मिला, वहां रेलवे ट्रैक से करीब 10 से 15 फीट आगे उनका शरीर पड़ा था। चेहरा भी बुरी तरह चोटिल था।
परिजनों ने सवाल उठाया कि अगर देवपालिक चलती ट्रेन से लापता हुए थे, तो उनके साथ सफर कर रहे दोनों दोस्तों ने तुरंत उनकी तलाश क्यों नहीं की। रेलवे सुरक्षा कर्मियों को इसकी सूचना बोकारो पहुंचने के बाद ही क्यों दी गई? परिवार ने यह भी सवाल किया कि यदि वह ट्रेन से गिरे थे, तो क्या किसी यात्री ने घटना को देखा नहीं?
हालांकि, अभी तक हत्या या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के आधार पर ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
साथ यात्रा कर रहे दो दोस्तों से पूछताछ
देवपालिक गुप्ता के साथ जनशताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे गौतम कुमार और निशांत से पुलिस पूछताछ कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम मधुपुर और निशांत बिहार के बेगूसराय के रहने वाले हैं। दोनों को अनगड़ा थाने में रखकर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली जा रही है।
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल दोनों दोस्तों की किसी अपराध में संलिप्तता साबित नहीं हुई है।
पेंट्री कार से खाना लेने गए, फिर नहीं लौटे
जानकारी के अनुसार, देवपालिक 26 अक्टूबर को अपने दो सहयोगियों के साथ रांची घूमने आए थे। सोमवार को तीनों जनशताब्दी एक्सप्रेस से पटना लौट रहे थे। साथियों ने बताया कि ट्रेन जब अनगड़ा के आसपास पहुंची, तब देवपालिक पेंट्री कार से खाना लाने की बात कहकर दूसरी बोगी की ओर चले गए।
इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। करीब दो घंटे तक इंतजार करने के बाद साथियों ने ट्रेन में उनकी तलाश की। ट्रेन के बोकारो पहुंचने पर रेलवे सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी गई। बाद में मुरी स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराई गई और रेल मदद के माध्यम से भी जानकारी दी गई।
इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। रेलवे लाइन के आसपास खोजबीन के दौरान अनगड़ा प्रखंड के जरवाडीह के पास झाड़ियों में देवपालिक का शव मिला। मंगलवार देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया।
पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा गया शव
पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर करीब 1:45 बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया। जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। इसके बाद परिवार के सदस्य शव लेकर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर स्थित अपने पैतृक गांव रवाना हो गए।
देवपालिक की मौत से परिवार में शोक है। परिजनों के मुताबिक, वह अविवाहित थे और घर में उनकी शादी की तैयारियां भी चल रही थीं। अचानक हुई इस घटना से परिवार के लोग सदमे में हैं।
इंजीनियरिंग छोड़कर पत्रकारिता में बनाया करियर
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी देवपालिक गुप्ता ने बीटेक की पढ़ाई छोड़कर पत्रकारिता का रास्ता चुना था। उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) से पत्रकारिता की पढ़ाई की। इसके बाद वह जन सुराज पार्टी से जुड़े और डिजिटल मीडिया मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों को देखते हुए हत्या की आशंका जताई है, लेकिन घटना दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
सत्यम रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है। मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच रिपोर्ट तथा आधिकारिक निष्कर्षों के आधार पर होगी।



