CrimeIndiaTrending

मिर्गी​​​​​​ का दौरा पड़ने का नाटक कर कैदियों ने जेल में मचाया हंगामा, 17 बंदियों के फरार होने से खुली सुरक्षा की पोल

मिर्गी​​​​​​ का दौरा पड़ने का नाटक कर कैदियों ने जेल में मचाया हंगामा, 17 बंदियों के फरार होने से खुली सुरक्षा की पोल

थेनी, तमिलनाडु: तमिलनाडु के थेनी जिले की एक उप-जेल में 17 विचाराधीन कैदियों के फरार होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। जांच के अनुसार, कैदियों में से एक ने मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया, जिससे जेल कर्मचारियों का ध्यान भटक गया। इसी दौरान अन्य कैदियों ने कथित तौर पर हंगामा किया और सुरक्षा व्यवस्था का फायदा उठाकर जेल से भाग निकले। हालांकि, फरार हुए सभी 17 कैदियों को 48 घंटे के भीतर दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।

इस घटना के बाद ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में जेल के नौ कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। जेल विभाग ने राज्य की अन्य जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा शुरू कर दी है।

जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद बनाई योजना

जांच में सामने आया कि सोमवार शाम करीब सात बजे कुछ कैदियों के बीच जेल से भागने को लेकर चर्चा हुई थी। बताया जा रहा है कि कुछ बंदियों की जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद वे नाराज थे। इसी के चलते जेल से निकलने की योजना बनाने की बात सामने आई है।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, मदुरै निवासी 26 वर्षीय विचाराधीन कैदी लिंग प्रसात ने कथित तौर पर कर्मचारियों का ध्यान भटकाने के लिए चिकित्सकीय आपात स्थिति का नाटक करने का सुझाव दिया था। इसके बाद 26 वर्षीय मुथु इलांगोवन ने कथित रूप से मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। मुथु के खिलाफ लूट से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।

कर्मचारियों का ध्यान भटका, फिर हुआ हंगामा

रिपोर्ट के अनुसार, जब जेल कर्मचारी कथित तौर पर बीमार पड़े कैदी की ओर बढ़े, उसी दौरान दूसरे कैदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद कुछ बंदियों ने रसोई में इस्तेमाल होने वाले सामान से कर्मचारियों पर हमला किया।

कैदियों ने कथित तौर पर जेल के प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मचारियों को भी काबू में किया और चाबियां छीनकर परिसर से बाहर निकल गए। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि घटना के दौरान किस कैदी ने क्या भूमिका निभाई और सुरक्षा व्यवस्था में कहां-कहां चूक हुई।

एक ही ब्लॉक में बंद थे 32 कैदी

जिस ब्लॉक से कैदी फरार हुए, वहां कुल 32 विचाराधीन बंदी थे। इनमें से 17 भागने में सफल रहे, जबकि बाकी कैदी जेल में ही रहे। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि फरार हुए कैदियों के अलावा अन्य बंदियों में से किसी ने योजना बनाने या उसे अंजाम देने में मदद तो नहीं की थी।

प्रारंभिक जांच में यह आशंका भी जताई गई कि घटना किसी लंबे समय से तैयार की गई साजिश के बजाय उसी शाम कैदियों के बीच हुई बातचीत के बाद अंजाम दी गई हो सकती है। हालांकि, योजना तैयार करने और उसे लागू करने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।

48 घंटे के भीतर सभी आरोपी दोबारा गिरफ्तार

जेल से फरार होने के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया और 48 घंटे के भीतर सभी 17 कैदियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद जेल विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। राज्य की जेलों में सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करने के लिए ऑडिट कराया जा रहा है।

विभाग संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इस घटना की जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि कैदी जेल से बाहर निकलने में कैसे सफल हुए और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जिम्म

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply