Vadodara News: गुजरात के वडोदरा शहर में सोनी परिवार के तीन लोगों ने फंदा लगाकर जान दे दी. इस केस की कहानी जितनी मार्मिक है, उतनी ही ये आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगी, कि कैसे आर्थिक तंगी से परेशान परिवार ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया. परिवार का लिखा 3 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है. इसमें कई राज खुले हैं. दरअसल, मांडवी इलाके में ‘दला पटेल की पोल’ स्थित एक घर में सोनी परिवार के तीन सदस्यों 50 वर्षीय मां आरतीबेन सोनी, उनके 24 वर्षीय बेटे नीलकंठ सोनी और 22 वर्षीय बेटी झलक उर्फ जेनी सोनी के शव फंदे से लटके मिले.

पुलिस को मौके से 3 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिससे यह खुलासा हुआ है कि भारी आर्थिक तंगी, 35 लाख का कर्ज, कारोबार में लगातार हो रहा घाटा और एक के बाद एक परिजनों को खोने से उपजे गहरे मानसिक अवसाद के कारण पूरे परिवार ने यह खौफनाक कदम उठाया.
कारोबार बचाने के लिए बेटी ने 1 लाख बार लिखा था ‘राम’
घटनास्थल से जब्त किए गए 3 पन्नों के सुसाइड नोट से परिवार के संघर्ष और उनकी बेबसी की दर्दनाक दास्तान सामने आई है. सुसाइड नोट से पता चला है कि आयुर्वेदिक अस्पताल और हेल्थकेयर कारोबार को घाटे से उबारने के लिए परिवार ने कई मन्नतें मांगी थीं. बेटी झलक ने अपने परिवार के हेल्थकेयर बिजनेस को ठीक से चलाने और आर्थिक तंगी से उबारने की आस में एक लाख बार ‘श्री राम’ नाम लिखा था.
आरतीबेन अपने पति, मातापिता और भाई की असमय मौत के बाद से ही गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रही थीं. पति के निधन के बाद पूरे परिवार और कारोबार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर आ गई थी.
35 लाख का कर्ज और घर बेचने की नौबत, कार की किश्तें भी थीं बकाया
सोनी परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. करीब डेढ़ से दो साल पहले परिवार ने ओल्ड पादरा रोड पर ‘जेप्स हेल्थ केयर’ नाम से एक आयुर्वेदिक अस्पताल और क्लिनिक की शुरुआत की थी. लेकिन अस्पताल का संचालन ठीक से नहीं चल पा रहा था और लगातार घाटा बढ़ता गया. परिवार पर लगभग ₹33 से ₹35 लाख का कर्ज चढ़ चुका था. इस भारी भरकम कर्ज को चुकाने के लिए परिवार ने अपना मकान तक बेच दिया था. यही नहीं, उनकी कार की दो महीने की किश्तें भी बकाया चल रही थीं.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि, FSL जांच जारी
मामले की जानकारी देते हुए ACP जी. बी. बभनिया ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीनों सदस्यों की मौत का प्राथमिक कारण फांसी आया है. हालांकि, अन्य सभी पहलुओं और संभावित आशंकाओं को खारिज करने के लिए विसरा सैंपल को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है. पुलिस ने मृतकों के मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों को भी जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है. सुसाइड नोट में जिन वित्तीय लेनदेन और व्यक्तियों का जिक्र है, पुलिस उनकी भी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है.
समाज और प्रशासन के लिए एक अलार्म
वडोदरा की यह घटना दिखाती है कि कैसे बिजनेस में लगातार घाटा, बढ़ता कर्ज का बोझ और मानसिक अवसाद मिलकर एक हंसतेखेलते परिवार को इस हद तक विवश कर देते हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब सुसाइड नोट के आधार पर लेनदेन से जुड़े सभी पक्षों से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.



