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​​​​​लोन दिलाने के नाम पर खुलवाया बैंक खाता, फिर 43 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुला राज; जमशेदपुर से 5 गिरफ्तार

​​​​​लोन दिलाने के नाम पर खुलवाया बैंक खाता, फिर 43 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुला राज; जमशेदपुर से 5 गिरफ्तार

जमशेदपुर, झारखंड: साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क की जांच करते हुए जमशेदपुर और रामगढ़ पुलिस ने बिरसानगर इलाके में छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस को एक किराए के मकान में कथित तौर पर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित होने के सबूत मिले। मौके से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

पुलिस के मुताबिक, छापेमारी में 90 एटीएम कार्ड, 70 सिम कार्ड, 25 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप और अलग-अलग बैंकों की 10 पासबुक मिलीं। मकान की छत से वाई-फाई उपकरण और राउटर भी जब्त किए गए। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने की आशंका जताई गई है।

लोन के नाम पर खुलवाया गया था खाता

मामले की शुरुआत रामगढ़ की रहने वाली अनिषा सिंह की शिकायत से हुई। उन्होंने पुलिस को बताया था कि विकास यादव नाम के व्यक्ति ने लोन दिलाने का भरोसा देकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रामगढ़ शाखा में उनका खाता खुलवाया था। बाद में उन्हें पता चला कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, इस खाते में करीब 43 लाख रुपये जमा हुए थे, जिसके बाद बैंक ने खाते को फ्रीज कर दिया।

दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मिला सुराग

इस मामले में पुलिस पहले ही विकास यादव और उसके सहयोगी निखिल को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जमशेदपुर के बिरसानगर में छापा मारा और पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।

अब पुलिस बरामद बैंक खातों, पासबुक और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क से कितनी रकम की ठगी हुई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

सत्यम रिपोर्ट: यह खबर पुलिस की प्रारंभिक जांच और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। साइबर ठगी से जुड़ी रकम और नेटवर्क की पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

contact.satyareport@gmail.com

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