
बगोदर, गिरिडीह, झारखंड: धनबाद-गया रेलखंड पर चिचाकी स्टेशन के पास 20 सितंबर को मिले युवती के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, युवती की हत्या उसके प्रेमी ने की थी और शव को ठिकाने लगाने में उसकी पत्नी ने भी साथ दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मृतका की पहचान सरिया थाना क्षेत्र के कपिलो गांव निवासी लक्ष्मी कुमारी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि बंधखारो निवासी बिनोद मंडल पिछले करीब सात वर्षों से लक्ष्मी के संपर्क में था। वह उसकी पढ़ाई और अन्य खर्च भी उठाता था। लक्ष्मी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी और आगे की पढ़ाई के लिए आंध्र प्रदेश के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में दाखिला लेना चाहती थी।
पढ़ाई के खर्च को लेकर बढ़ा विवाद
एसडीपीओ धनंजय कुमार राम के अनुसार, लक्ष्मी को आगे की पढ़ाई के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की जरूरत थी। वह यह रकम बिनोद से मांग रही थी, जबकि बिनोद इतनी बड़ी राशि देने को तैयार नहीं था। पुलिस का दावा है कि इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ गया और बिनोद ने लक्ष्मी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, 19 सितंबर को बिनोद ने लक्ष्मी को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह उसे अपने घर के पास एक कमरे में ले गया। आरोप है कि रात में उसने गला दबाकर लक्ष्मी की हत्या कर दी।
पत्नी की मदद से रेलवे ट्रैक पर पहुंचाया शव
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद बिनोद ने अपनी पत्नी सविता देवी की मदद से शव को प्लास्टिक की बोरी में रखा। फिर बाइक से चिचाकी रेलवे स्टेशन के पास ले जाकर रेलवे पटरी पर छोड़ दिया, ताकि मामले को दूसरी दिशा दी जा सके।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, सफेद बोरी और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। फिलहाल दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सत्यम रिपोर्ट: हत्या की वजह और घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने अपनी जांच के आधार पर जानकारी दी है। मामले में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।



