
काले-सफेद रंग का शरीर, छोटे-छोटे पैर और चलने का अजीब अंदाज। पेंगुइन को देखते ही हर किसी के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जमीन पर धीरे-धीरे चलने वाला यह पक्षी पानी के अंदर बेहद तेज रफ्तार से तैर सकता है? इतना ही नहीं, पेंगुइन समुद्र का खारा पानी भी पी सकता है और इसकी आंखों के पास मौजूद एक खास ग्रंथि शरीर से अतिरिक्त नमक बाहर निकालने में मदद करती है।
पेंगुइन उड़ नहीं सकते, लेकिन तैरने और पानी के अंदर शिकार करने में बेहद माहिर होते हैं। इनकी कुछ प्रजातियां अंटार्कटिका की जमा देने वाली ठंड में रहती हैं, तो कुछ गर्म इलाकों में भी पाई जाती हैं। आइए जानते हैं पेंगुइन के जीवन, भोजन, प्रजनन और इनसे जुड़े 20 रोचक तथ्यों के बारे में।
पेंगुइन की कितनी प्रजातियां होती हैं?
पेंगुइन का वैज्ञानिक परिवार स्फेनिस्किडी (Spheniscidae) कहलाता है। इनकी प्रजातियों की संख्या को लेकर वैज्ञानिक वर्गीकरण में थोड़ा अंतर मिलता है। आमतौर पर 18 प्रजातियों का उल्लेख किया जाता है, जबकि कुछ आधुनिक वर्गीकरणों में इनकी संख्या अलग हो सकती है।
इनमें एम्परर पेंगुइन, किंग पेंगुइन, एडेली पेंगुइन, मैगेलैनिक पेंगुइन, अफ्रीकी पेंगुइन और गैलापागोस पेंगुइन प्रमुख हैं।
इनमें एम्परर पेंगुइन सबसे बड़ा और लिटिल ब्लू पेंगुइन सबसे छोटा होता है।
पेंगुइन कहां पाए जाते हैं?
पेंगुइन मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध में पाए जाते हैं। अंटार्कटिका इनका सबसे प्रसिद्ध निवास स्थान है, लेकिन इनकी सभी प्रजातियां बर्फीले इलाकों में नहीं रहतीं।
ये न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, चिली और दक्षिण अमेरिका के आसपास के द्वीपों में भी मिलते हैं।
गैलापागोस पेंगुइन इस मामले में खास है, क्योंकि यह भूमध्य रेखा के आसपास रहने वाली पेंगुइन की एकमात्र प्रजाति है। यहां समुद्र की ठंडी धाराओं के कारण इनके रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं।
पेंगुइन की शारीरिक बनावट कैसी होती है?
पेंगुइन का शरीर पानी में तैरने और शिकार करने के लिए खास तरीके से विकसित हुआ है। इनका शरीर आगे और पीछे से पतला होता है, जिससे पानी में आगे बढ़ने में आसानी होती है।
इनकी पीठ आमतौर पर काली या गहरे रंग की और पेट सफेद होता है। यह रंग समुद्र में इन्हें छिपने में मदद करता है। ऊपर से देखने पर इनकी काली पीठ गहरे पानी में मिल जाती है और नीचे से देखने पर सफेद पेट समुद्र की रोशनी में आसानी से नजर नहीं आता।
इनके पंख उड़ने के बजाय तैरने के लिए फ्लिपर्स में बदल चुके हैं। शरीर के नीचे मोटी चर्बी और घने पंख इन्हें ठंड से बचाने में मदद करते हैं।
पेंगुइन के बारे में 20 रोचक तथ्य
1. पेंगुइन उड़ नहीं सकते, लेकिन पानी में तेजी से तैरते हैं
पेंगुइन उड़ानहीन पक्षी हैं। इनके पंख समय के साथ पानी में तैरने के अनुकूल फ्लिपर्स बन गए हैं। यही कारण है कि ये आसमान में उड़ने के बजाय समुद्र में बेहद फुर्ती से तैरते हैं।
2. एम्परर पेंगुइन दुनिया का सबसे बड़ा पेंगुइन है
एम्परर पेंगुइन (Emperor Penguin) पेंगुइन की सबसे बड़ी जीवित प्रजाति है। इसकी ऊंचाई लगभग 1.2 मीटर तक हो सकती है और वजन करीब 20 से 40 किलोग्राम के बीच होता है। यह मुख्य रूप से अंटार्कटिका में पाया जाता है।
3. लिटिल ब्लू पेंगुइन सबसे छोटा होता है
लिटिल ब्लू पेंगुइन (Little Blue Penguin) को दुनिया का सबसे छोटा पेंगुइन माना जाता है। इसकी ऊंचाई लगभग 30-35 सेंटीमीटर होती है। इसका वजन आमतौर पर एक से डेढ़ किलोग्राम के आसपास रहता है। इसके शरीर पर नीले रंग के पंख होते हैं।
4. पेंगुइन अपना ज्यादातर समय पानी में बिताते हैं
पेंगुइन की कई प्रजातियां अपने जीवन का बड़ा हिस्सा समुद्र में बिताती हैं। वे पानी में भोजन तलाशते हैं, शिकार करते हैं और लंबी दूरी तक तैरते हैं। हालांकि, प्रजनन और बच्चों की देखभाल के लिए उन्हें जमीन या बर्फ पर आना पड़ता है।
5. पेंगुइन पानी के अंदर काफी गहराई तक गोता लगा सकते हैं
पेंगुइन भोजन की तलाश में समुद्र के अंदर गहरे गोते लगाते हैं। छोटी प्रजातियां आमतौर पर कम गहराई तक जाती हैं, जबकि एम्परर पेंगुइन बहुत गहरे गोते लगाने के लिए मशहूर है। यह 500 मीटर से अधिक गहराई तक पहुंच सकता है और असाधारण परिस्थितियों में इससे भी ज्यादा गहराई तक गोता लगा सकता है।
6. एम्परर पेंगुइन 20 मिनट से ज्यादा समय तक पानी में रह सकता है
एम्परर पेंगुइन लंबे समय तक पानी के अंदर रह सकता है। इसके गोता लगाने की अवधि परिस्थितियों के अनुसार बदलती है। दर्ज किए गए कुछ गोते 20 मिनट से भी ज्यादा लंबे रहे हैं। इसकी शरीर में ऑक्सीजन बचाकर रखने की खास क्षमता इसमें मदद करती है।
7. पेंगुइन का मुख्य भोजन मछली और क्रिल है
पेंगुइन पूरी तरह मांसाहारी होते हैं। इनके भोजन में छोटी मछलियां, क्रिल और स्क्विड शामिल हैं। अलग-अलग प्रजातियां अपनी जरूरत और उपलब्ध भोजन के अनुसार शिकार करती हैं।
8. पेंगुइन के दांत नहीं होते
पेंगुइन के मुंह में इंसानों की तरह दांत नहीं होते। लेकिन इनकी जीभ और मुंह के अंदर पीछे की ओर मुड़े हुए छोटे कांटेनुमा उभार होते हैं। इनकी मदद से फिसलती हुई मछलियों को पकड़कर निगलना आसान होता है।
9. पेंगुइन समुद्र का खारा पानी भी पी सकते हैं
समुद्र का पानी इंसानों के लिए पीना सुरक्षित नहीं होता, लेकिन पेंगुइन इसे पी सकते हैं। इनकी आंखों के ऊपर एक विशेष ग्रंथि होती है, जिसे सुप्राऑर्बिटल सॉल्ट ग्लैंड (Supraorbital Salt Gland) कहा जाता है। यह शरीर में पहुंचने वाले अतिरिक्त नमक को बाहर निकालने में मदद करती है।
10. पेंगुइन ठंड से बचने के लिए एक-दूसरे से सटकर रहते हैं
अंटार्कटिका में तेज बर्फीली हवाओं और जमा देने वाली ठंड से बचने के लिए एम्परर पेंगुइन एक-दूसरे के करीब खड़े हो जाते हैं। इस समूह को हडल (Huddle) कहा जाता है। इससे उनके शरीर की गर्मी बची रहती है। समूह के सदस्य समय-समय पर अपनी जगह भी बदलते हैं, ताकि सभी को गर्माहट मिल सके।
11. नर एम्परर पेंगुइन अंडे की देखभाल करता है
एम्परर पेंगुइन के प्रजनन का तरीका बेहद अनोखा है। मादा अंडा देने के बाद भोजन की तलाश में समुद्र की ओर चली जाती है। इस दौरान नर पेंगुइन अंडे को अपने पैरों के ऊपर रखकर शरीर की त्वचा की एक विशेष तह के नीचे सुरक्षित रखता है। वह कई हफ्तों तक बिना भोजन किए अंडे की देखभाल करता है।
12. पेंगुइन बड़े समूहों में रहते हैं
प्रजनन के मौसम में पेंगुइन बड़ी-बड़ी कॉलोनियां बनाते हैं। कुछ कॉलोनियों में हजारों और कई बार लाखों पक्षी भी एक साथ दिखाई दे सकते हैं। इन समूहों में रहकर वे अपने साथी और बच्चों की पहचान करते हैं तथा प्रजनन करते हैं।
13. पेंगुइन अपने बच्चों को आवाज से पहचानते हैं
पेंगुइन की बड़ी कॉलोनी में हजारों पक्षियों की आवाजें सुनाई देती हैं। इसके बावजूद नर और मादा अपनी खास आवाज के जरिए एक-दूसरे और अपने बच्चों को पहचान सकते हैं। यह क्षमता उन्हें भीड़ में अपने परिवार तक पहुंचने में मदद करती है।
14. पेंगुइन के घुटने भी होते हैं
कई लोगों को लगता है कि पेंगुइन के पैर बहुत छोटे हैं और इनमें घुटने नहीं होते। लेकिन वास्तव में इनके शरीर के अंदर घुटने मौजूद होते हैं। इनके पैर की हड्डियों का बड़ा हिस्सा शरीर के अंदर छिपा रहता है, इसलिए बाहर से केवल छोटे पैर दिखाई देते हैं।
15. पेंगुइन बर्फ पर पेट के बल फिसलते हैं
पेंगुइन को बर्फ पर पेट के बल फिसलते हुए देखना काफी मजेदार लगता है। इस तरीके को टोबोगनिंग (Tobogganing) कहा जाता है। इससे उन्हें बर्फ पर चलने की तुलना में कम ऊर्जा खर्च करके आगे बढ़ने में मदद मिलती है।
16. पेंगुइन पानी से बाहर छलांग लगा सकते हैं
कुछ पेंगुइन पानी से बाहर निकलने के लिए तेज गति से तैरते हैं और फिर अपनी ताकत का इस्तेमाल करके चट्टानों या बर्फ के किनारे पर छलांग लगाते हैं। यह तरीका उन्हें समुद्र से जमीन पर आने में मदद करता है।
17. पेंगुइन साल में एक बार अपने पुराने पंख बदलते हैं
पेंगुइन के शरीर पर मौजूद पंख समय के साथ खराब होते रहते हैं। इसलिए वे साल में एक बार अपने पुराने पंख गिराकर नए पंख उगाते हैं। इस प्रक्रिया को कैटास्ट्रोफिक मोल्ट (Catastrophic Molt) कहा जाता है। इस दौरान इनके शरीर पर नए पंख आने तक ये आमतौर पर समुद्र में शिकार करने नहीं जाते।
18. पेंगुइन के भी समुद्र में कई दुश्मन होते हैं
जमीन पर पेंगुइन को कुछ इलाकों में कम खतरा होता है, लेकिन समुद्र में इनका सामना बड़े शिकारी जीवों से होता है। लेपर्ड सील, समुद्री शेर और ऑर्का यानी किलर व्हेल इनके प्रमुख शिकारी हैं। कुछ प्रजातियों के अंडों और बच्चों को समुद्री पक्षियों से भी खतरा रहता है।
19. दुनिया में कभी विशालकाय पेंगुइन भी रहते थे
जीवाश्मों से पता चलता है कि प्राचीन समय में पेंगुइन की कुछ प्रजातियां आज के पेंगुइन से काफी बड़ी थीं। लाखों साल पहले रहने वाले कुछ विलुप्त पेंगुइन लगभग इंसान जितने लंबे हो सकते थे। हालांकि, सभी प्राचीन विशाल पेंगुइन का वजन 80 किलोग्राम से ज्यादा था, ऐसा कहना सही नहीं होगा।
20. जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण से पेंगुइन को खतरा है
समुद्र के तापमान में बदलाव, समुद्री बर्फ का कम होना, भोजन की उपलब्धता में कमी और तेल रिसाव जैसी समस्याएं पेंगुइन के जीवन को प्रभावित करती हैं। खासकर उन प्रजातियों पर अधिक दबाव पड़ता है जो भोजन और प्रजनन के लिए समुद्री बर्फ पर निर्भर रहती हैं।
पेंगुइन का जीवनकाल कितना होता है?
पेंगुइन का जीवनकाल उसकी प्रजाति और रहने की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कई प्रजातियां जंगल में लगभग 10 से 20 साल तक जीवित रह सकती हैं। कुछ पेंगुइन इससे अधिक उम्र भी हासिल करते हैं।
चिड़ियाघरों में भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था होने के कारण कुछ पेंगुइन लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं।
क्या पेंगुइन इंसानों से डरते हैं?
पेंगुइन की कुछ प्रजातियां उन जगहों पर इंसानों से बहुत ज्यादा नहीं घबरातीं, जहां उनका पहले से संपर्क रहा हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे हमेशा इंसानों के करीब आना पसंद करते हैं।
अंटार्कटिका में पेंगुइन और दूसरे वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पर्यटकों को उनसे उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। उन्हें छूना, परेशान करना या उनके रास्ते में बाधा डालना ठीक नहीं है।
पेंगुइन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दुनिया का सबसे बड़ा पेंगुइन कौन सा है?
एम्परर पेंगुइन दुनिया का सबसे बड़ा जीवित पेंगुइन है। इसकी ऊंचाई लगभग 1.2 मीटर तक और वजन करीब 20 से 40 किलोग्राम तक हो सकता है।
पेंगुइन उड़ क्यों नहीं सकते?
लाखों सालों के विकास के दौरान इनके पंख पानी में तैरने के अनुकूल फ्लिपर्स बन गए। इनके शरीर की बनावट भी तैरने और गोता लगाने के लिए विकसित हुई, इसलिए ये उड़ नहीं सकते।
क्या पेंगुइन खारा पानी पी सकते हैं?
हां, पेंगुइन समुद्र का खारा पानी पी सकते हैं। इनकी आंखों के ऊपर मौजूद विशेष ग्रंथि अतिरिक्त नमक को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है।
पेंगुइन कितनी देर तक पानी के अंदर रह सकता है?
यह प्रजाति पर निर्भर करता है। एम्परर पेंगुइन 20 मिनट से अधिक समय तक पानी के अंदर रह सकता है, जबकि छोटी प्रजातियों की गोता लगाने की क्षमता आमतौर पर इससे कम होती है।
विश्व पेंगुइन दिवस कब मनाया जाता है?
हर साल 25 अप्रैल को विश्व पेंगुइन दिवस (World Penguin Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पेंगुइन और उनके प्राकृतिक आवास के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
पेंगुइन दिखने में भले ही छोटे और सीधे-सादे पक्षी लगते हों, लेकिन पानी के अंदर उनकी फुर्ती, ठंड से बचने की क्षमता और बच्चों की देखभाल करने का तरीका उन्हें बेहद खास बनाता है। प्रकृति ने इस पक्षी को उड़ने के बजाय समुद्र में जीवन बिताने के लिए अद्भुत तरीके से तैयार किया है।
— Satya Report



