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रात​​​ को सोने से पहले की ये 5 आदतें बिगाड़ सकती हैं दिल की सेहत, 8 घंटे सोने के बाद भी बनी रहती है थकान तो न करें नजरअंदाज

रात​​​ को सोने से पहले की ये 5 आदतें बिगाड़ सकती हैं दिल की सेहत, 8 घंटे सोने के बाद भी बनी रहती है थकान तो न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली: अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद लेना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी सोने से पहले की आदतों पर ध्यान देना भी है। कई लोग रोजाना 7 से 8 घंटे सोने के बावजूद सुबह थकान और सुस्ती महसूस करते हैं। इसकी एक वजह नींद की खराब गुणवत्ता और रात में अपनाई जाने वाली कुछ गलत आदतें हो सकती हैं। लंबे समय तक नींद से जुड़ी परेशानियां बनी रहने पर दिल की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, रात में बार-बार नींद खुलना, खर्राटे लेना और सोने-जागने का समय लगातार बदलते रहना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं सोने से पहले की ऐसी पांच आदतों के बारे में, जिनमें सुधार करना जरूरी है।

1. रात में बार-बार नींद खुलना

अगर रात में आपकी नींद बार-बार टूटती है, तो शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। इससे सुबह उठने पर थकान, चिड़चिड़ापन और दिनभर सुस्ती महसूस हो सकती है। अगर ऐसा लगातार हो रहा है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। बार-बार नींद खुलने की समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।

2. तेज खर्राटे लेना

खर्राटों को अक्सर लोग सामान्य आदत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन तेज खर्राटे और नींद के दौरान सांस रुकने जैसी समस्या ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया का संकेत हो सकती है। इस स्थिति में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और नींद बार-बार प्रभावित होती है। इसका संबंध उच्च रक्तचाप और दिल से जुड़ी समस्याओं के बढ़ते जोखिम से भी पाया गया है।

3. अचानक झटके से नींद खुलना

कई बार लोग रात में अचानक घबराकर या झटके से उठ जाते हैं। कभी-कभी ऐसा होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर बार-बार ऐसा होता है और साथ में सांस फूलना, घबराहट या अत्यधिक थकान महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे नींद से जुड़ी कोई परेशानी हो सकती है।

4. पेट के बल सोने की आदत

कुछ लोगों को पेट के बल सोना आरामदायक लगता है। हालांकि, इस स्थिति में गर्दन को एक तरफ मोड़कर रखना पड़ता है, जिससे गर्दन और पीठ में दर्द या असहजता हो सकती है। हर व्यक्ति के लिए सोने की एक ही स्थिति सही नहीं होती, इसलिए ऐसी पोजीशन चुनें जिसमें शरीर को आराम मिले और सांस लेने में परेशानी न हो।

5. सोने और जागने का समय तय न होना

अगर आप कभी देर रात तो कभी जल्दी सोते हैं और रोजाना अलग-अलग समय पर उठते हैं, तो शरीर की प्राकृतिक नींद की लय प्रभावित हो सकती है। इससे नींद की गुणवत्ता खराब होने और दिनभर थकान महसूस होने की आशंका रहती है। बेहतर नींद के लिए कोशिश करें कि रोजाना लगभग एक ही समय पर सोएं और जागें।

दिल की सेहत के लिए क्यों जरूरी है अच्छी नींद?

नींद के दौरान शरीर को आराम और रिकवरी का समय मिलता है। लगातार कम या खराब गुणवत्ता वाली नींद का संबंध उच्च रक्तचाप और हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम से पाया गया है। इसलिए सिर्फ सोने के घंटों पर नहीं, बल्कि नींद की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है।

अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान रहती है, तेज खर्राटे आते हैं या रात में सांस लेने में परेशानी होती है, तो डॉक्टर से जांच करवाएं। नियमित दिनचर्या, संतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधि के साथ अच्छी नींद दिल की सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती है।

Satya Report नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। नींद की लगातार परेशानी या दिल से जुड़े लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

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