
नई दिल्ली: आजकल बच्चों में बढ़ता वजन माता-पिता के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। कई बार बच्चे खेलकूद कम करते हैं, लंबे समय तक मोबाइल या टीवी देखते हैं और जंक फूड ज्यादा खाते हैं। इन आदतों का असर धीरे-धीरे उनके वजन और सेहत पर पड़ सकता है। बचपन में बढ़ा हुआ वजन आगे चलकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज (NIDDK) के मुताबिक, बच्चों का वजन नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ खाने में कटौती करना सही तरीका नहीं है। इसके बजाय पूरे परिवार को खानपान, शारीरिक गतिविधि और दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव करने चाहिए।
1. बच्चे की डाइट में करें सुधार
बच्चों को संतुलित और पौष्टिक भोजन देना बेहद जरूरी है। उनकी डाइट में मौसमी फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें। बहुत ज्यादा तला-भुना, पैकेट वाला और फास्ट फूड खाने की आदत कम करवाएं।
बच्चे को भूखा रखने या अचानक भोजन की मात्रा बहुत कम करने के बजाय उसकी उम्र और जरूरत के हिसाब से संतुलित आहार दें।
2. मीठे पेय पदार्थों से रखें दूरी
कई बच्चे कोल्ड ड्रिंक, पैक्ड जूस और मीठे पेय पदार्थ पीना पसंद करते हैं। इनमें अतिरिक्त शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है। बच्चों को नियमित रूप से पानी पीने की आदत डालें और मीठे पेय पदार्थों का सेवन सीमित रखें।
3. रोजाना खेलने और एक्सरसाइज का समय तय करें
बच्चों को दिनभर सक्रिय रखना जरूरी है। उन्हें बाहर खेलने, साइकिल चलाने, दौड़ने, डांस करने या अपनी पसंद की शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें। 5 से 17 साल के बच्चों और किशोरों के लिए सामान्य तौर पर रोजाना औसतन कम से कम 60 मिनट की मध्यम से तेज शारीरिक गतिविधि की सलाह दी जाती है।
4. मोबाइल और टीवी देखने का समय कम करें
लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी के सामने बैठे रहने से बच्चों की शारीरिक गतिविधि कम हो सकती है। इसलिए स्क्रीन टाइम के लिए उचित सीमाएं तय करें। बच्चों को स्क्रीन से दूर रखकर खेलकूद, किताबें पढ़ने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें।
5. पर्याप्त नींद दिलाना भी जरूरी
बच्चों की सेहत और विकास के लिए अच्छी नींद जरूरी है। नींद की कमी का संबंध वजन बढ़ने और खानपान की आदतों में बदलाव से भी हो सकता है। बच्चे की उम्र के अनुसार सोने और जागने का समय तय करें। सोने से पहले मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल कम करवाएं।
6. पूरे परिवार को बदलनी होंगी आदतें
बच्चे को अकेले डाइटिंग करने या वजन कम करने के लिए दबाव देना सही नहीं है। माता-पिता भी पौष्टिक भोजन करें और रोजाना शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लें। परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर खाना खाएं और स्वस्थ आदतों को अपनाएं। इससे बच्चे को सकारात्मक माहौल मिलेगा।
7. डॉक्टर की सलाह से करवाएं वजन का आकलन
हर बच्चे का शरीर और विकास अलग होता है। इसलिए सिर्फ वजन देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि बच्चा मोटापे से परेशान है। डॉक्टर बच्चे की उम्र, लंबाई, वजन और उम्र के अनुसार बॉडी मास इंडेक्स (BMI) का आकलन करते हैं। जरूरत पड़ने पर खानपान और गतिविधियों के लिए विशेषज्ञ की मदद भी ली जा सकती है।
बच्चे का वजन कम करने के नाम पर न करें ये गलतियां
बच्चे को खाना छोड़ने, भूखा रहने या कठोर डाइट अपनाने के लिए मजबूर न करें। उसके वजन को लेकर मजाक या बार-बार टिप्पणी करने से बचें। इससे बच्चे के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। लक्ष्य सिर्फ वजन घटाना नहीं, बल्कि बच्चे की सेहत और स्वस्थ विकास को बेहतर बनाना होना चाहिए।
Satya Report नोट: बच्चों में वजन का आकलन उनकी उम्र और विकास के अनुसार किया जाना चाहिए। वजन को लेकर चिंता होने पर बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य डाइटीशियन से सलाह लें।



