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फैटी​​​ लिवर में राहत पाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 चीजें, जानें किन खाद्य पदार्थों से बनानी चाहिए दूरी

फैटी​​​ लिवर में राहत पाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 चीजें, जानें किन खाद्य पदार्थों से बनानी चाहिए दूरी

नई दिल्ली: आजकल फैटी लिवर की समस्या कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही है। इस स्थिति में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन लंबे समय तक समस्या बनी रहने पर कुछ लोगों में लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस और गंभीर मामलों में सिरोसिस का खतरा हो सकता है।

फैटी लिवर को नियंत्रित रखने में खानपान की अहम भूमिका होती है। हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थ डाइट का हिस्सा बनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 7 फूड्स के बारे में, जो लिवर की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

1. एवोकाडो

एवोकाडो में मोनोअनसैचुरेटेड फैट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे संतुलित डाइट में शामिल करने से मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए क्योंकि इसमें कैलोरी भी अधिक होती है।

2. जैतून का तेल

जैतून के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। मक्खन या अधिक सैचुरेटेड फैट वाले विकल्पों की जगह सीमित मात्रा में जैतून का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है। मेडिटेरेनियन डाइट में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है, जिसे लिवर और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

3. ग्रीन टी

ग्रीन टी में कैटेचिन नाम के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। बिना चीनी वाली ग्रीन टी को संतुलित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इसे फैटी लिवर का इलाज न समझें। ग्रीन टी के गाढ़े अर्क या सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें, क्योंकि कुछ मामलों में इनसे लिवर को नुकसान पहुंच सकता है।

4. ब्लूबेरी

ब्लूबेरी में एंथोसायनिन और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। ब्लूबेरी को साबुत फल के रूप में खाया जा सकता है। इसके अलावा स्ट्रॉबेरी और दूसरे कम मीठे साबुत फल भी संतुलित डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

5. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों और दूसरी हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें रोजाना भोजन में शामिल करने से वजन और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

6. दालें और साबुत अनाज

मूंग, मसूर, चना और दूसरी दालों में प्रोटीन और फाइबर होता है। वहीं, ओट्स, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं जैसे अनाज भी अच्छे विकल्प हैं। ये पेट को लंबे समय तक भरा रखने और संतुलित खानपान बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

7. नट्स और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ

बादाम, अखरोट और दूसरे मेवों में हेल्दी फैट और फाइबर पाया जाता है। इसके साथ ही दालें, टोफू, पनीर और कम फैट वाले डेयरी उत्पाद भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इनका सेवन उचित मात्रा में करना बेहतर है।

फैटी लिवर में किन चीजों से बनाएं दूरी?

लिवर में फैट जमा होने की समस्या को नियंत्रित रखने के लिए कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना जरूरी है।

  • मीठे पेय पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक और पैक्ड जूस से दूरी रखें।
  • मिठाइयों और अतिरिक्त चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
  • तली-भुनी और अधिक प्रोसेस्ड चीजें सीमित मात्रा में खाएं।
  • मैदा और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन न करें।
  • शराब से पूरी तरह दूरी बनाना बेहतर है।

फैटी लिवर को नियंत्रित रखने के लिए ये आदतें भी जरूरी

सिर्फ डाइट बदलने से हर व्यक्ति में फैटी लिवर की समस्या ठीक नहीं होती। नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन का उचित प्रबंधन और डायबिटीज व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है। अगर वजन अधिक है, तो डॉक्टर की सलाह से धीरे-धीरे वजन कम करने का लक्ष्य रखें। अचानक वजन घटाने या बिना सलाह के सप्लीमेंट लेने से बचें।

Satya Report नोट: फैटी लिवर की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। इसकी पहचान और स्थिति जानने के लिए डॉक्टर लिवर फंक्शन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या जरूरत के अनुसार दूसरी जांच की सलाह दे सकते हैं। कोई भी खाद्य पदार्थ फैटी लिवर का अकेले इलाज नहीं है।

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