
नई दिल्ली: फल सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। इनमें विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करते हैं। लेकिन कुछ लोगों को फल खाने के बाद गैस, पेट फूलना, ऐंठन या दस्त जैसी परेशानियां होने लगती हैं। खासकर इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को कुछ फलों के सेवन में सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है।
डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके के मुताबिक, नाशपाती, तरबूज और सेब जैसे कुछ फलों में मौजूद खास तरह के कार्बोहाइड्रेट संवेदनशील आंतों वाले लोगों में परेशानी बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता।
1. गैस और ब्लोटिंग में नाशपाती खाने से हो सकती है परेशानी
नाशपाती में फाइबर के साथ कुछ ऐसे कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं, जिन्हें कुछ लोगों की आंतें आसानी से पचा नहीं पातीं। ऐसे में संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को इसे खाने के बाद गैस, पेट फूलने और ऐंठन की शिकायत हो सकती है। अगर नाशपाती खाने से बार-बार परेशानी होती है, तो इसकी मात्रा कम करके देखें या कुछ समय के लिए इससे दूरी बनाएं।
2. तरबूज खाने से बढ़ सकती है पेट की परेशानी
तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है और यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। लेकिन कुछ लोगों को इसमें मौजूद फ्रुक्टोज और अन्य कार्बोहाइड्रेट के कारण पेट फूलने या दस्त की परेशानी हो सकती है। खासकर IBS से पीड़ित लोगों को अपनी सहनशीलता के अनुसार इसकी मात्रा तय करनी चाहिए।
3. IBS में सेब खाने से पहले रखें ध्यान
सेब में फाइबर और कुछ ऐसे कार्बोहाइड्रेट पाए जाते हैं, जो संवेदनशील आंतों वाले लोगों में गैस और ब्लोटिंग बढ़ा सकते हैं। IBS की समस्या में कुछ लोगों को सेब खाने के बाद पेट दर्द, ऐंठन, कब्ज या दस्त की शिकायत हो सकती है। हालांकि, हर व्यक्ति को सेब से परेशानी हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
4. आम ज्यादा खाने से हो सकती है ब्लोटिंग
आम में प्राकृतिक शुगर और फ्रुक्टोज पाया जाता है। कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में आम खाने के बाद गैस या पेट फूलने की परेशानी हो सकती है। संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए और शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना चाहिए।
5. सूखे मेवे खाते समय भी रखें सावधानी
किशमिश, खजूर और दूसरे सूखे मेवों में प्राकृतिक शुगर और फाइबर की मात्रा अधिक हो सकती है। कुछ लोगों को इन्हें ज्यादा खाने से गैस, पेट फूलने या दस्त की परेशानी हो सकती है। इन्हें भिगोकर खाने से कुछ लोगों को चबाने और खाने में आसानी हो सकती है, लेकिन इससे सभी तरह की पाचन संबंधी समस्याएं दूर होने की गारंटी नहीं है।
IBS या गैस की समस्या में फल कैसे खाएं?
- एक बार में बहुत अधिक फल खाने से बचें।
- जिन फलों से बार-बार परेशानी होती है, उनकी मात्रा कम करें।
- नए फल को थोड़ी मात्रा में खाकर शरीर की प्रतिक्रिया देखें।
- फल खाने के बाद होने वाली परेशानी और उसकी मात्रा का रिकॉर्ड रखें।
- लगातार गैस, पेट दर्द, दस्त या कब्ज होने पर डॉक्टर से सलाह लें।
क्या पेट की समस्या में सभी फल छोड़ देना चाहिए?
नहीं, पेट की परेशानी होने पर सभी फल बंद करना जरूरी नहीं है। हर व्यक्ति की पाचन क्षमता और फल सहन करने की क्षमता अलग होती है। कुछ लोगों को एक फल से परेशानी हो सकती है, जबकि दूसरे व्यक्ति को वही फल आसानी से पच सकता है। इसलिए बिना वजह फलों को पूरी तरह डाइट से हटाने के बजाय डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।
अगर पेट दर्द के साथ खून वाला मल, बिना कारण वजन घटना, लगातार दस्त या रात में नींद से जगाने वाले लक्षण हों, तो चिकित्सकीय जांच जरूर कराएं।
Satya Report नोट: फल पोषण का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन IBS और संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोगों को कुछ फलों से परेशानी हो सकती है। किसी भी फल को पूरी तरह छोड़ने से पहले अपनी समस्या और उसकी वजह समझना जरूरी है।



