
भिंड, मध्य प्रदेश: जिस पिता से बेटे को जिंदगी और सहारा मिलने की उम्मीद होती है, उसी पिता पर अपने बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में बोरी में बंद मिले एक युवक के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया। जांच में सामने आया कि युवक की नशे की लत और घर में होने वाले विवादों से परेशान होकर उसके पिता ने कथित तौर पर तीन लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी। पुलिस ने इस मामले में पिता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
छह महीने नशामुक्ति केंद्र में रहने के बाद फिर शुरू कर दिया था नशा
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 26 वर्षीय रईस उर्फ शानू खान के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के उरई स्थित शिवपुरी मोहल्ले का रहने वाला था और तीन भाइयों में सबसे बड़ा था।
परिजनों के अनुसार, रईस को नशे की लत थी। परिवार ने उसे इस आदत से बाहर निकालने के लिए कई बार उपचार भी कराया था। करीब छह महीने तक नशामुक्ति केंद्र में रहने के बावजूद उसने दोबारा नशा करना शुरू कर दिया। बताया गया कि 6 सितंबर से उसे ग्वालियर के एक नशामुक्ति केंद्र में रखा गया था।
पुलिस जांच में आरोप है कि बेटे की आदतों और परिवार में लगातार हो रहे विवादों से परेशान होकर उसके पिता रसीद खान ने उसकी हत्या की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने उरई निवासी मोहम्मद इजराइल खान, मुन्ना खान और गुड्डू खान को कथित तौर पर तीन लाख रुपये देने की बात तय की।
नशामुक्ति केंद्र से बाहर लाने के बाद की हत्या
पुलिस के अनुसार, 26 अक्टूबर को रसीद खान अपने बेटे रईस को ग्वालियर के नशामुक्ति केंद्र से बाहर लेकर आया था। इसके बाद रास्ते में अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर युवक का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
वारदात के बाद शव को भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र में मानपुरा के पास बीहड़ में ले जाया गया। आरोपियों ने शव को बोरी में भरकर सुनसान इलाके में फेंक दिया।
पहचान छिपाने के लिए शव पर डाला गया नमक
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपियों ने शव पर नमक डाला था। आरोप है कि ऐसा शव को जल्दी गलाने और उसकी पहचान मुश्किल बनाने के इरादे से किया गया था।
आरोपियों को उम्मीद थी कि सुनसान बीहड़ में शव का पता नहीं चलेगा और जंगली जानवर उसे नुकसान पहुंचा देंगे। लेकिन पुलिस की जांच ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
तीन जगह के CCTV फुटेज से खुला हत्या का राज
शुरुआत में यह मामला पुलिस के लिए अंधे कत्ल की गुत्थी बना हुआ था। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के तीन स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें कुछ संदिग्ध वाहन दिखाई दिए।
पुलिस ने इन वाहनों की जानकारी जुटाई और उनके मालिकों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान उरई निवासी ज्ञान सिंह ने बताया कि संदिग्ध वाहनों में से एक उसका है, जिसे उसने इजराइल नाम के व्यक्ति को किराये पर दिया था।
इसके बाद पुलिस ने इजराइल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस का संदेह गहराया। आगे की पूछताछ में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई।
पिता समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में मृतक के पिता रसीद खान और मोहम्मद इजराइल खान, मुन्ना खान तथा गुड्डू खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में हत्या की साजिश और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर नशे की लत से टूटते परिवारों की गंभीर समस्या को सामने ला दिया है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति की नशे की समस्या का समाधान हिंसा या अपराध नहीं, बल्कि उचित उपचार और कानूनी मदद है।
डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस की जांच और उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में सामने आए आरोपों पर आधारित है। आरोपियों के दोष का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होगा।
— Satya Report



