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बेटे​​​ को बिना​​​​​ लाइसेंस बाइक देना पिता को पड़ा भारी, सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा

बेटे​​​ को बिना​​​​​ लाइसेंस बाइक देना पिता को पड़ा भारी, सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद कोर्ट ने सुनाई 3 महीने की सजा

दुर्ग, छत्तीसगढ़: सड़क पर वाहन चलाने की जिम्मेदारी सिर्फ चालक की ही नहीं, बल्कि वाहन सौंपने वाले की भी होती है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सड़क हादसे के मामले में अदालत ने ऐसा ही अहम फैसला सुनाया है। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाले बेटे को मोटरसाइकिल देने पर उसके पिता को भी दोषी ठहराते हुए तीन महीने के साधारण कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

बाइक की टक्कर से एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर घायल

मामला 4 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे का है। दुर्ग जिले के कोहका स्थित इंदु आईटी स्कूल के पास मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 CW-2768 ने एक एक्टिवा को टक्कर मार दी थी। आरोप है कि बाइक चला रहा मोहित कुमार बघेल तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था।

इस दुर्घटना में एक्टिवा चला रहे शादान अली की मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद स्मृतिनगर पुलिस चौकी और सुपेला थाना क्षेत्र में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आई पिता की जिम्मेदारी

पुलिस की जांच में पता चला कि मोटरसाइकिल चला रहे मोहित कुमार बघेल के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद उसके पिता मोहन लाल बघेल ने उसे मोटरसाइकिल चलाने के लिए दे रखी थी।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। 31 अक्टूबर को दुर्ग की सत्र अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए बेटे के साथ पिता को भी दोषी ठहराया।

बेटे को अलग-अलग धाराओं में सजा

अदालत ने मोटरसाइकिल चला रहे मोहित कुमार बघेल को निम्न सजा सुनाई:

  • भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(2) के तहत 5 साल का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना।
  • भारतीय न्याय संहिता की धारा 110(2) के तहत 3 साल का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये जुर्माना।
  • मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत 10 महीने का साधारण कारावास और 3,000 रुपये जुर्माना।
  • मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत 3 महीने का साधारण कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना।

पिता को भी भुगतनी होगी जेल की सजा

मोटरसाइकिल के मालिक और आरोपी के पिता मोहन लाल बघेल को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 5/180 के तहत 3 महीने का साधारण कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में उन्हें 7 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।

दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों से की अपील

इस फैसले के बाद दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। वाहन सौंपने से पहले यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि चालक निर्धारित आयु का हो और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद हो।

पुलिस का कहना है कि बिना लाइसेंस वाहन चलाने देना न केवल चालक, बल्कि सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस और न्यायालय संबंधी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।

— Satya Report

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