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जमीन​​​ विवाद में कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष की अपहरण के बाद हत्या, जैक से सिर और चेहरा कुचला; दो आरोपी मुठभेड़ में घायल

जमीन​​​ विवाद में कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष की अपहरण के बाद हत्या, जैक से सिर और चेहरा कुचला; दो आरोपी मुठभेड़ में घायल

उरई, उत्तर प्रदेश: जालौन जिले के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। जमीन विवाद को लेकर रची गई साजिश के तहत उन्हें कार में अगवा किया गया और फिर गाड़ी के जैक से सिर और चेहरे पर कई वार किए गए। रविवार को उनका शव कानपुर के गुजैनी इलाके में नहर से बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में साजिशकर्ता समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, वारदात में इस्तेमाल कार बरामद करने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी।

फाइल देने के बहाने बुलाया, फिर कार में बैठाकर ले गए आरोपी

गयादीन अहिरवार जालौन के कालपी स्थित कागजीपुरा के रहने वाले थे। उनके बेटे हर्ष ने शनिवार को कोतवाली में चार अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

हर्ष के मुताबिक, उनके पिता शनिवार को रोज की तरह कालपी तहसील गए थे और काम के सिलसिले में उरई भी गए थे। शाम करीब चार बजे उनका फोन आया कि वह आकर उन्हें ले जाए। जब हर्ष वहां पहुंचा तो पिता ने बताया कि कुछ मुवक्किल आने वाले हैं और उनसे केस की फाइल लेनी है।

इसके बाद वह पिता को स्कूटी पर बैठाकर दुर्गा मंदिर चौराहे की ओर ले गया। वहां पहले से बिना नंबर प्लेट की सफेद कार में चार लोग मौजूद थे। गयादीन ने उनसे अपनी फाइल मांगी तो आरोपियों ने चाय-नाश्ता करने का बहाना बनाया। इसी दौरान उन्हें जबरन अपनी कार में बैठाया और वहां से फरार हो गए।

चलती कार में जैक से किए सिर और चेहरे पर वार

पुलिस के मुताबिक, अपहरण के बाद आरोपियों ने चलती कार में ही गयादीन अहिरवार के सिर और चेहरे पर गाड़ी के जैक से कई वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को कानपुर के गुजैनी क्षेत्र की नहर में फेंक दिया गया।

पहचान छिपाने के इरादे से उनके चेहरे पर भी कई वार किए गए थे। शनिवार रात पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर रविवार सुबह गुजैनी पुलिस की मदद से शव बरामद कर लिया गया। हत्या में इस्तेमाल जैक भी बरामद किया गया।

जमीन विवाद में सुपारी देकर कराई गई हत्या

पुलिस जांच में सामने आया कि कानपुर निवासी इंद्रजीत सिंह यादव ने जमीन विवाद के चलते हत्या की साजिश रची थी। आरोप है कि उसने मोनू यादव को सुपारी देकर अपने साथियों के जरिए इस वारदात को अंजाम दिलवाया। इंद्रजीत को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार बताया जा रहा है।

कालपी की अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी के अनुसार, पुलिस ने कानपुर से तीन कथित शूटरों सर्वेश शुक्ला उर्फ सब्बू, आशीष विश्वकर्मा और केशव कटियार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर शव और हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद किया गया।

कार बरामदगी के दौरान पुलिस से मुठभेड़, दो आरोपियों को लगी गोली

रविवार रात करीब 11 बजे पुलिस तीनों आरोपियों को वारदात में इस्तेमाल कार बरामद करने के लिए कालपी के जोधर नाला स्थित जंगल में ले गई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों ने पहले से छिपाए गए हथियारों से पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आशीष और सर्वेश के पैर में लगी। दोनों को घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। तीसरे आरोपी को भी पुलिस ने हिरासत में रखा है।

24 घंटे के भीतर पुलिस ने किया खुलासा

पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि मामले का खुलासा करीब 24 घंटे के भीतर कर लिया गया। शुरुआती जांच में जमीन विवाद को हत्या की वजह बताया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी मोनू यादव की तलाश कर रही है और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

एक वरिष्ठ अधिवक्ता की इस तरह हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर पुलिस की ओर से दी गई जानकारी और उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

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