
शहर के माउली नगर इलाके में पुलिस ने देह व्यापार के कथित धंधे का खुलासा करते हुए एक 21 वर्षीय युवती को मुक्त कराया था। पुलिस के मुताबिक, युवती को उसकी इच्छा के विरुद्ध इस काम में धकेला गया था। कार्रवाई के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि माउली नगर के एक फ्लैट में देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बिना जल्दबाजी में छापा मारने के बजाय पहले उसकी पुष्टि करने का फैसला किया। इसके लिए पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनाकर फ्लैट में भेजा गया। वहां संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने के बाद टीम ने मौके पर छापा मार दिया।
ग्राहक बनकर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने खोला राज
पुलिस की योजना के मुताबिक, सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने फ्लैट के भीतर चल रही गतिविधियों की जानकारी जुटाई। जब उन्हें देह व्यापार कराए जाने के संकेत मिले तो बाकी टीम ने तत्काल कार्रवाई की।
इस दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान जावेद यूसुफ सैयद और जयश्री राम तारोटे के रूप में बताई गई। वहीं, तीसरा संदिग्ध पुलिस को चकमा देकर मौके से भाग निकला। उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी।
नागपुर की 21 वर्षीय युवती को कराया मुक्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक 21 वर्षीय युवती को भी वहां से मुक्त कराया। वह नागपुर की रहने वाली बताई गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में युवती ने बताया कि उसे जबरन देह व्यापार में धकेला गया था और वह अपनी मर्जी से यह काम नहीं कर रही थी।
युवती ने यह भी बताया कि ग्राहकों से मिलने वाली रकम आरोपियों और कुछ अन्य लोगों के बीच बांटी जाती थी। इस जानकारी के बाद पुलिस को आशंका हुई कि इस पूरे मामले में गिरफ्तार लोगों के अलावा भी कुछ अन्य व्यक्ति शामिल हो सकते हैं।
नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की तलाश
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी थी कि फ्लैट में चल रही गतिविधियों के पीछे और कौन लोग थे तथा इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था। फरार संदिग्ध की तलाश के साथ अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही थी।
इस मामले में लातूर के शिवाजीनगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी थी।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट और पुलिस की शुरुआती जानकारी पर आधारित है। युवती की पहचान गोपनीय रखी गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।



