
मुंबई, महाराष्ट्र: भारतीय नौसेना ने अरब सागर में एक बड़ा अभियान चलाकर समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ (Azini) और उस पर सवार सभी 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित मुक्त करा लिया। यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में करीब 48 घंटे तक चला। इस सफल कार्रवाई में भारतीय वायुसेना ने भी सहयोग दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना के जवानों की बहादुरी और उनकी तत्परता की सराहना करते हुए बधाई दी है।
मुंबई से 3000 किलोमीटर दूर चलाया गया अभियान
जानकारी के मुताबिक, समुद्री लुटेरों ने मछली पकड़ने वाले जहाज अजिनी पर कब्जा कर लिया था। जहाज पर भारी हथियारों से लैस लुटेरों की मौजूदगी के कारण चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौती पैदा हो गई थी।
इसकी जानकारी मिलने के बाद भारतीय नौसेना ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। मुंबई से 3000 किलोमीटर से अधिक दूर समुद्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान नौसेना ने पहले जहाज की स्थिति का पता लगाया और फिर उसे अपने नियंत्रण में लेने के लिए कार्रवाई की।
करीब 48 घंटे तक चले इस अभियान में नौसेना ने सभी परिस्थितियों का आकलन करते हुए जहाज को इंटरसेप्ट किया। आखिरकार जहाज पर सवार सभी 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भारतीय वायुसेना ने भी दिया सहयोग
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। अभियान के दौरान जरूरत के मुताबिक हवाई सहायता उपलब्ध कराई गई। नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल की वजह से चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में भी अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
इस कार्रवाई ने भारतीय सेनाओं की संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता और समुद्री क्षेत्र में तेजी से प्रतिक्रिया देने की तैयारी को भी प्रदर्शित किया है।
राजनाथ सिंह ने नौसेना के जवानों को दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल अभियान पर भारतीय नौसेना की सराहना की। उन्होंने कहा कि महज 48 घंटे के भीतर सभी 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचाना नौसेना की उच्चस्तरीय तैयारी, पेशेवर क्षमता और समर्पण का प्रमाण है।
उन्होंने नौसेना के जवानों की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोगों की जान बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा मजबूत करने पर जोर
भारत लगातार हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए प्रयास कर रहा है। समुद्री लूटपाट, जहाजों पर हमले और अन्य खतरों के बीच भारतीय नौसेना की यह कार्रवाई काफी अहम मानी जा रही है।
राजनाथ सिंह ने सुरक्षित समुद्री मार्गों और स्वतंत्र, खुले एवं सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए आठ नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट युद्धपोतों के निर्माण की परियोजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना पर 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इन युद्धपोतों का निर्माण कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।
अरब सागर में चलाया गया यह रेस्क्यू ऑपरेशन एक बार फिर दिखाता है कि समुद्री सुरक्षा और संकट में फंसे लोगों की मदद के मामले में भारतीय नौसेना कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Satya Report Disclaimer: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। अभियान से जुड़ी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक हो सकती है।



