
नवगछिया, बिहार: भागलपुर जिले के नवगछिया में हत्या के एक फरार आरोपी की तलाश में पहुंची पुलिस को ऐसी गतिविधियों का पता चला, जिसके बाद कार्रवाई का रुख बदल गया। नया टोला बस स्टैंड के पास स्थित एक रिहायशी मकान में छापेमारी के दौरान पुलिस को कथित तौर पर अनैतिक देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के संकेत मिले। मौके से कई महिला और पुरुषों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त करने की बात कही है।
हत्या के आरोपी की सूचना पर पहुंची थी पुलिस
पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्या के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी इस मकान में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने ठिकाने की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान वहां संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर पुलिस ने मौके पर मौजूद महिला और पुरुषों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मकान से कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है, जिसे जांच के लिए जब्त किया गया है।
दूसरे ठिकानों पर भी की गई कार्रवाई
नवगछिया के एसडीपीओ सह सहायक पुलिस अधीक्षक सायम राजा ने बताया कि पुलिस को इस मामले में महत्वपूर्ण सूचना मिली थी। उसी आधार पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई।
पुलिस का कहना है कि मकान से हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी गई। वहां से भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल कुल कितने लोग पुलिस की हिरासत में हैं, इसकी आधिकारिक संख्या स्पष्ट नहीं की गई है।
नेटवर्क के संचालक की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गतिविधियों का संचालन कौन कर रहा था और इसमें किन लोगों की क्या भूमिका थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मामला किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ है या नहीं।
मौके से बरामद सामग्री की फॉरेंसिक और कानूनी जांच कराई जा रही है। एसडीपीओ के मुताबिक, जिन लोगों की संलिप्तता जांच में सामने आएगी, उनके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त टीम ने की छापेमारी
यह कार्रवाई एसडीपीओ सायम राजा के नेतृत्व में की गई। टीम में खरीक थाना के एडिशनल एसएचओ अजहर आलम, नवगछिया टाउन थाना के दारोगा जम्मू कुमार और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल थे।
फिलहाल पुलिस सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले और कथित नेटवर्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Satya Report: यह खबर पुलिस के शुरुआती बयान और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।



