HealthIndiaTrending

पेशाब​​​ रुक-रुककर आना या बूंद-बूंद टपकना हो सकता है इन 3 समस्याओं का संकेत, जानें मुनक्का कितना फायदेमंद है

पेशाब​​​ रुक-रुककर आना या बूंद-बूंद टपकना हो सकता है इन 3 समस्याओं का संकेत, जानें मुनक्का कितना फायदेमंद है

पेशाब से जुड़ी समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी को काफी प्रभावित कर सकती हैं। कुछ लोगों को बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती है, जबकि कुछ लोगों को पेशाब शुरू करने में परेशानी होती है या फिर धार कमजोर हो जाती है। कई बार पेशाब करने के बाद भी ऐसा लगता है कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।

VNA Hospital, मालवीय नगर, नई दिल्ली के यूरोलॉजी एवं एंड्रोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, पेशाब रुक-रुककर आने या ठीक से खाली न होने के पीछे बढ़ा हुआ प्रोस्टेट समेत कई कारण हो सकते हैं। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) और मूत्र मार्ग में रुकावट भी इसकी वजह बन सकते हैं।

आयुर्वेद में मुनक्का को पौष्टिक आहार माना गया है। आचार्य बालकृष्ण ने पारंपरिक रूप से पेशाब और पाचन संबंधी परेशानियों में मुनक्का के इस्तेमाल के कुछ तरीके बताए हैं। हालांकि, मुनक्का पेशाब की रुकावट या पथरी का प्रमाणित इलाज नहीं है। आइए जानते हैं पेशाब से जुड़ी परेशानी के संभावित कारण और मुनक्का के सेवन से जुड़ी जरूरी बातें।

पेशाब का बूंद-बूंद आना इन 3 समस्याओं का हो सकता है संकेत

पेशाब की धार कमजोर होना, रुक-रुककर आना या बूंद-बूंद टपकना कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। इसके तीन प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:

1. प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना (BPH):

पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ सकता है। इसे बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) कहा जाता है। प्रोस्टेट के बढ़ने से मूत्र नली पर दबाव पड़ सकता है, जिससे पेशाब की धार कमजोर होना, बार-बार पेशाब आना, रात में कई बार उठना और मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

2. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI):

यूरिनरी ट्रैक्ट में संक्रमण होने पर पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, पेट के निचले हिस्से में दर्द और पेशाब में परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में बुखार और कमर या पीठ में दर्द भी हो सकता है। संक्रमण की पुष्टि होने पर डॉक्टर उचित उपचार करते हैं।

3. किडनी या ब्लैडर में रुकावट:

किडनी या मूत्राशय से जुड़ी पथरी, मूत्र मार्ग में संकुचन या अन्य रुकावटों के कारण पेशाब का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। ऐसी स्थिति में पेशाब करने में कठिनाई, दर्द या मूत्राशय खाली न होने की शिकायत हो सकती है। इसके कारण का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

बार-बार पेशाब आने या खुलकर न होने पर मुनक्का कैसे खाएं?

आचार्य बालकृष्ण के बताए पारंपरिक नुस्खे के अनुसार, मुनक्का और मिश्री को साथ लेने का सुझाव दिया जाता है। इसके लिए 8-10 मुनक्कों के साथ 10-20 ग्राम मिश्री मिलाकर सेवन करने की विधि बताई गई है। मुनक्का का सेवन मट्ठे के साथ करने का भी उल्लेख मिलता है।

हालांकि, इस मिश्रण से पेशाब की धार बेहतर होने या मूत्र संबंधी बीमारी ठीक होने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। मिश्री में भी काफी मात्रा में चीनी होती है। इसलिए डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को इस नुस्खे से बचना चाहिए या डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

यूरिन की समस्या या पथरी में मुनक्का का काढ़ा बनाने की विधि

आयुर्वेदिक परंपरा में पेशाब और पथरी से जुड़ी परेशानियों के लिए कुछ जड़ी-बूटियों के मिश्रण का इस्तेमाल बताया गया है। आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताए गए एक पारंपरिक नुस्खे में पुनर्नवा की जड़, पाषाणभेद और अमलतास को शामिल किया गया है।

इस विधि में तीनों जड़ी-बूटियों की 6-6 ग्राम मात्रा और 10-12 ग्राम मुनक्का लेकर लगभग 400 ग्राम पानी में उबालने का उल्लेख है। पानी आधा रह जाने पर इसे छानने की विधि बताई गई है।

लेकिन इस मिश्रण को पथरी या पेशाब की रुकावट का प्रमाणित उपचार नहीं माना जा सकता। जड़ी-बूटियों की गुणवत्ता, सही मात्रा, दूसरी दवाओं के साथ संभावित प्रभाव और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति महत्वपूर्ण हैं। इसलिए डॉक्टर या योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के बिना इसका सेवन न करें। पथरी होने पर उसका आकार और स्थान जानने के लिए जांच की जरूरत पड़ सकती है।

मुनक्का पाचन तंत्र के लिए कैसे फायदेमंद है?

मुनक्का में प्राकृतिक शर्करा और फाइबर पाया जाता है। इसमें मौजूद फाइबर मल को नरम बनाने और नियमित मल त्याग में मदद कर सकता है। इसी वजह से संतुलित मात्रा में मुनक्का खाने से कुछ लोगों को कब्ज की समस्या में फायदा मिल सकता है।

आयुर्वेद में मुनक्का के साथ हरड़ का इस्तेमाल भी पाचन संबंधी परेशानियों के लिए बताया जाता है। हालांकि, मुनक्का और हरड़ का मिश्रण एसिडिटी, गैस या पेट फूलने का प्रमाणित इलाज नहीं है। हरड़ का नियमित सेवन करने से पहले भी विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

मुनक्का खाने के अन्य संभावित फायदे

मुनक्का केवल स्वादिष्ट ड्राई फ्रूट ही नहीं है, बल्कि इसमें कई पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं।

1. शरीर को ऊर्जा देता है: मुनक्का में प्राकृतिक शर्करा और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसे सीमित मात्रा में पौष्टिक आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

2. पाचन में मदद करता है: इसमें मौजूद फाइबर आंतों की सामान्य गतिविधि और मल त्याग को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

3. एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत: मुनक्का में पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभाते हैं।

4. हड्डियों के लिए पोषक तत्व: इसमें कैल्शियम और बोरॉन जैसे कुछ खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य में भूमिका निभाते हैं। हालांकि, केवल मुनक्का खाने से हड्डियां मजबूत होने की गारंटी नहीं है।

5. आयरन भी मिलता है: मुनक्का में कुछ मात्रा में आयरन मौजूद होता है, लेकिन खून की कमी यानी एनीमिया का इलाज केवल मुनक्का से नहीं किया जा सकता। इसके लिए कारण की जांच और जरूरत के अनुसार उपचार जरूरी है।

पेशाब की समस्या होने पर कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?

अगर पेशाब बिल्कुल नहीं आ रहा है और पेट के निचले हिस्से में दर्द या सूजन महसूस हो रही है, तो तुरंत अस्पताल जाएं। यह अचानक होने वाली यूरिनरी रिटेंशन की स्थिति हो सकती है, जिसमें तत्काल उपचार की जरूरत पड़ती है।

इसके अलावा पेशाब में खून आना, बुखार के साथ कमर दर्द, तेज जलन या बार-बार पेशाब की समस्या होने पर भी चिकित्सकीय जांच कराएं। डॉक्टर जरूरत के अनुसार यूरिन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

निष्कर्ष: मुनक्का फाइबर, प्राकृतिक शर्करा और एंटीऑक्सीडेंट यौगिकों वाला पौष्टिक ड्राई फ्रूट है। इसे संतुलित मात्रा में खाने से ऊर्जा और पाचन को कुछ लाभ मिल सकते हैं। लेकिन पेशाब का रुकना, धार कमजोर होना या बूंद-बूंद आना प्रोस्टेट बढ़ने, संक्रमण या मूत्र मार्ग में रुकावट का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खों के बजाय सही समय पर डॉक्टर से जांच कराना सबसे जरूरी है।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मुनक्का या जड़ी-बूटियों का मिश्रण पेशाब की रुकावट, UTI या किडनी की पथरी का प्रमाणित इलाज नहीं है। पेशाब बिल्कुल बंद होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। किसी भी घरेलू या आयुर्वेदिक नुस्खे को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply