उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कालपी बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड के पीछे करीब 34 साल पुराना 32 बीघा जमीन का विवाद था. आरोप है कि वकील की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी. साजिश के तार कानपुर से जुड़े मिले हैं. पुलिस ने जमीन विवाद में शामिल इंद्रजीत सिंह यादव और हत्या को अंजाम देने के आरोप में तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है. सुपारी लेने का आरोपी मोनू यादव अभी फरार है.

इस हत्याकांड की जड़ कदौरा क्षेत्र के चतेला गांव के रहने वाले माधव सिंह की संपत्ति से जुड़ी है. माधव सिंह के पास करीब एक हजार बीघा जमीन थी. उन्होंने हांसा गांव की 32 बीघा जमीन अपनी नातिन अपर्णा सिंह के नाम कर दी थी. बताया जाता है कि माधव सिंह और उनके बेटे रामगोपाल की मौत के बाद वर्ष 1990 में वकील गयादीन अहिरवार ने वसीयत के आधार पर इस जमीन पर अपना दावा कर दिया.
इसके बाद अपर्णा सिंह और गयादीन के बीच कानूनी लड़ाई शुरू हो गई. दोनों पक्ष लंबे समय तक मुकदमेबाजी करते रहे. आखिरकार अपर्णा सिंह को अदालत से राहत मिली. उन्होंने 2019 में विवादित जमीन मैनपुरी के करहल क्षेत्र के कठौली निवासी इंद्रपाल सिंह उर्फ इंद्रजीत सिंह यादव को बेच दी. इंद्रजीत लंबे समय से कानपुर में रह रहा था. पुलिस के मुताबिक, जमीन को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ. इसी साल जून में गयादीन ने इंद्रजीत, उसकी पत्नी सविता समेत सात लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद विवाद और बढ़ गया.
दस्तावेज देने के बहाने बुलाया, कार में किया अगवा
शनिवार को गयादीन एक मुकदमे की सुनवाई के सिलसिले में उरई आए थे. दोपहर बाद वह बस से कालपी पहुंचे. उनका बेटा हर्षनाथ स्कूटर से उन्हें घर ले जा रहा था. रास्ते में मोनू यादव मिला. उसने जरूरी दस्तावेज देने और नाश्ता करने के बहाने गयादीन को अपनी कार में बैठा लिया.
आरोप है कि कार में पहले से तीन लोग मौजूद थे. इसके बाद गयादीन को बेटे से अलग कर अगवा कर लिया गया. उन्हें कानपुर ले जाया गया. वहां गुजैनी क्षेत्र के गंभीरपुर में नहर किनारे बीते शनिवार को उनकी हत्या कर दी गई. वारदात के बाद शव नहर में फेंक दिया गया.
तीन शूटर गिरफ्तार, मोनू की तलाश जारी
पुलिस ने इंद्रजीत सिंह यादव को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने बताया कि हत्या की सुपारी मोनू यादव और उसके पिता अजय यादव को दी गई थी. पुलिस ने हत्या में शामिल बताए जा रहे सर्वेश शुक्ला उर्फ सब्बू, आशीष विश्वकर्मा और केशव कटियार को भी गिरफ्तार किया है. दो शूटरों के पैर में गोली लगने की जानकारी सामने आई है. मोनू अभी फरार है.
कानपुर के वकीलों ने दो दिन की हड़ताल की
गयादीन अहिरवार की हत्या के विरोध में कानपुर के वकीलओं ने मंगलवार और बुधवार को दो दिन की हड़ताल का ऐलान किया है. वकीलओं ने पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है. पुलिस अब फरार आरोपी मोनू यादव की तलाश के साथ हत्या की पूरी साजिश और सुपारी के लेनदेन की जांच कर रही है.



