
मोकामा, बिहार: बिहार की राजनीति में मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार गायक गुंजन सिंह के साथ उनकी बातचीत का एक कथित पुराना ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें 2019 के मुंगेर लोकसभा चुनाव में अपनी पत्नी नीलम देवी के चुनाव पर 19 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कहते सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। इस बातचीत ने चुनावी खर्च और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
दरअसल, वायरल ऑडियो में गुंजन सिंह और अनंत सिंह के बीच चुनाव में हुए खर्च को लेकर बातचीत होती सुनाई देती है। बताया जा रहा है कि यह बातचीत 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद की है। उस समय गुंजन सिंह ने बिहार की नवादा लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था।
गुंजन सिंह को अनंत सिंह ने दी थी चुनाव लड़ने की सलाह
कथित बातचीत की शुरुआत में गुंजन सिंह अपनी चुनावी हार-जीत की संभावना को लेकर अनंत सिंह से बात करते हैं। इस दौरान अनंत सिंह मजाकिया अंदाज में उनकी जमानत जब्त होने की आशंका जताते हैं। वह कहते हैं कि उन्हें पहले ही सलाह दी गई थी कि चुनाव में पैसा बर्बाद नहीं करना चाहिए था।
बातचीत आगे बढ़ने पर चुनावी खर्च का जिक्र आता है। इसी दौरान अनंत सिंह कथित तौर पर बताते हैं कि 2019 में मुंगेर लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी नीलम देवी के चुनाव में करीब 19 करोड़ रुपये खर्च किए थे। वह यह भी कहते सुनाई देते हैं कि कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनाव के लिए आठ लाख रुपये दिए गए थे।
लोगों के बीच चर्चा में आया 19 करोड़ रुपये का दावा
मुंगेर लोकसभा सीट पर 2019 में नीलम देवी ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उनका मुकाबला जेडीयू के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से हुआ था। चुनाव में नीलम देवी को हार का सामना करना पड़ा था।
अब वायरल ऑडियो में 19 करोड़ रुपये खर्च करने की कथित बात सामने आने के बाद चुनावी खर्च की सीमा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, केवल इस ऑडियो के आधार पर खर्च की वास्तविक राशि या किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि नहीं की जा सकती।
लोकसभा चुनाव में खर्च की कितनी थी सीमा?
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार जैसे बड़े राज्यों में एक उम्मीदवार के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा 70 लाख रुपये थी। बाद में जनवरी 2022 में इस सीमा को बढ़ाकर 95 लाख रुपये कर दिया गया। इसलिए 2019 के चुनाव के संदर्भ में 95 लाख रुपये की सीमा बताना सही नहीं होगा।
यदि वायरल बातचीत में किया गया 19 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा सही साबित होता है, तो यह उस समय निर्धारित उम्मीदवार की खर्च सीमा से काफी अधिक होगा। इस मामले में वास्तविक स्थिति जानने के लिए आधिकारिक चुनावी खर्च के रिकॉर्ड और अन्य प्रमाणों की जांच जरूरी है।
ऑडियो की प्रामाणिकता की नहीं हुई पुष्टि
इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए बातचीत में कही गई बातों को फिलहाल कथित दावा ही माना जाना चाहिए। ऑडियो की सत्यता और उसमें बताए गए चुनावी खर्च की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
Satya Report Disclaimer: यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से प्रसारित कथित ऑडियो और उपलब्ध समाचार जानकारियों पर आधारित है। ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें किए गए खर्च संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



