
नाभा, पटियाला, पंजाब: पंजाब के नाभा क्षेत्र के अचल गांव में 23 वर्षीय करणप्रीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव गांव के ही एक युवक के घर में मिला। परिवार का आरोप है कि करणप्रीत हाल ही में नशा मुक्ति केंद्र से वापस लौटा था, लेकिन गांव के दो युवकों ने उसे दोबारा नशे की गिरफ्त में धकेल दिया। पुलिस ने बॉबी खान और गुरसेवक सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के मुताबिक, करणप्रीत किसान परिवार का इकलौता बेटा था। उसने 12वीं तक पढ़ाई की थी और विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना देख रहा था। परिवार भी उसे विदेश भेजने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से वह नशे की लत से जूझ रहा था। परिवार ने उसे करीब तीन महीने तक नशा मुक्ति केंद्र में रखकर इलाज कराया था।
माता-पिता को उम्मीद थी कि केंद्र से लौटने के बाद उनका बेटा नशे से दूर रहेगा। बताया जा रहा है कि वह घटना से कुछ दिन पहले ही घर लौटा था। परिवार का आरोप है कि इसके बाद वह फिर से कुछ युवकों के संपर्क में आ गया।
दूसरे युवक के घर मिला शव
परिजनों के अनुसार, करणप्रीत रात में एक युवक के घर पर था। अगले दिन सुबह वह अपने घर आया और फिर दोबारा उसी घर चला गया। कुछ समय बाद करीब 10 बजे उसके परिजनों को सूचना मिली कि वह वहां बेसुध हालत में पड़ा है। जब परिवार के लोग उसे लेकर नाभा के सिविल अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि बॉबी खान और गुरसेवक सिंह ने उनके बेटे को दोबारा नशा करने के लिए उकसाया और इसी वजह से उसकी जान चली गई। परिवार ने पुलिस से दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
नाभा के डीएसपी गुरिंदर सिंह बल्ल के मुताबिक, करणप्रीत गांव में ही बॉबी खान और गुरसेवक सिंह के घर गया था। पुलिस के अनुसार, वहां उसे नशीला पदार्थ दिया गया और इसके बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में दोनों आरोपितों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि करणप्रीत की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना में दोनों आरोपितों की क्या भूमिका थी। पोस्टमार्टम और जांच से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Satya Report Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार जानकारी, पुलिस के बयान और परिजनों के आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।



