
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जारी मसौदा मतदाता सूची में अगर किसी पुराने मतदाता का नाम नहीं है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग ने फॉर्म-6 को लेकर फैली भ्रम की स्थिति पर स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग के मुताबिक, जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं है, वे दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं। ऐसा करने पर इसे झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा, भले ही वे पहले भी मतदाता सूची में शामिल रहे हों।
फॉर्म-6 भरने को लेकर क्यों पैदा हुआ था भ्रम?
दरअसल, SIR के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कई पुराने मतदाताओं के नाम नहीं मिले। ऐसे में उनके सामने दोबारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का सवाल खड़ा हो गया।
फॉर्म-6 में एक घोषणा देनी होती है कि आवेदक का नाम पहली बार मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। इसी बात को लेकर पुराने मतदाता असमंजस में थे। उन्हें आशंका थी कि पहले से मतदाता होने के बावजूद यह घोषणा करने पर उन पर गलत जानकारी देने का आरोप लग सकता है।
चुनाव आयोग ने क्या स्पष्ट किया?
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं है, तो उसे नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। यह नियम उन लोगों पर भी लागू होता है, जिनका नाम पहले किसी मतदाता सूची में दर्ज रहा है।
आयोग के अनुसार, फॉर्म-6 में पहली बार नाम शामिल किए जाने से जुड़ी घोषणा 1 अगस्त 2022 से लागू है। लेकिन SIR के दौरान या उसके बाद जिन पुराने मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में नहीं मिलते, उनके लिए दोबारा आवेदन करना जरूरी है।
क्या पुराने मतदाताओं पर हो सकती है कार्रवाई?
फॉर्म-6 में पहली बार नाम जुड़वाने से संबंधित घोषणा के कारण कुछ लोगों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई का डर था।
आयोग ने इस आशंका को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि केवल इस आधार पर फॉर्म-6 भरना झूठी घोषणा नहीं माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति पहले भी मतदाता सूची में शामिल था। यानी पुराने मतदाता भी बिना इस डर के आवेदन कर सकते हैं कि पहले नाम दर्ज होने के कारण उनके खिलाफ गलत घोषणा का मामला बन जाएगा।
मतदाता क्या करें?
अगर SIR के तहत जारी मसौदा मतदाता सूची में आपका नाम नहीं है, तो नाम दोबारा शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरें। आवेदन करते समय जरूरी जानकारी और दस्तावेज सही-सही दें। अपने आवेदन की स्थिति और आगे की प्रक्रिया की जानकारी निर्वाचन आयोग के आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करें।
चुनाव आयोग के इस स्पष्टीकरण से उन पुराने मतदाताओं की चिंता दूर होने की उम्मीद है, जो फॉर्म-6 में दी गई घोषणा को लेकर असमंजस में थे।
— Satya Report



