उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी और वकीलों के बीच जमकर झड़प हुई. डीएम के चैंबर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे वकीलों की धक्का मुक्की में डीएम ऑफिस में लगा शीशे का गेट तक टूट गया. एक वकील को चैंबर से निकालने की सूचना पर जिले के वकील भड़के हुए थे. बाद में वकीलों ने डीएम के ट्रांसफर की मांग करते हुए कलक्ट्रेट में धरना शुरू कर दिया. हालांकि बाद में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और डीएम उमेश प्रताप सिंह ने वकीलों को समझा बुझाकर शांत कराया.

वकीलों का आरोप है कि डीएम बिजनौर उमेश प्रताप सिंह ने एक वकील रामेंद्र सिंह के साथ अभद्रता की. उन्हें अपने चैंबर से जबरन बाहर निकाल दिया. डीएम के इस व्यवहार से नाराज वकीलों ने डीएम कार्यालय के सामने धरने दिया और डीएम के ट्रांसफर की मांग की. वकीलों ने चेतावनी दी कि डीएम के ट्रांसफर तक उनका धरना जारी रहेगा. इसके बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया.
क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक बार ऐसोसिएशन के वरिष्ठ वकील रामेंद्र सिंह किसी पीड़ित व्यक्ति की फरियाद लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे थे. आरोप है कि इस दौरान जिलाधिकारी ने वकील के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनसे कहा कि वकीलों की मेरे चैम्बर में एंट्री नहीं है. इस प्रकार उन्हें तुरंत बाहर निकल जाने को कहा. इस घटना से नाराज बिजनौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने सैकडों वकीलों के साथ ने डीएम ऑफिस में ज़बरदस्ती घुसने की कोशिश की.
धक्का मुक्की में टूटा शीशे का गेट
वकीलों के डीएम ऑफिस में घुसने से रोकने आई पुलिस के साथ भी झड़प हुई. इस दौरान धक्का मुक्की में डीएम ऑफिस के दरवाजे में लगे शीशे भी टूट गए. इसके बाद नाराज़ वकीलों ने डीएम कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया. ‘एक पकोड़ी दो समोसा, डीएम तुम्हारा क्या भरोसा’ की नारेबाजी करने लगे. धरने पर बैठे वकीलों का कहना है कि एक वरिष्ठ वकील के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
खेद जताकर शांत कराया मामला
देखते ही देखते मामला तूल पकड़ने लगा. एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंचे और वकीलों को समझाया. इसके बाद डीएम उमेश प्रताप सिंह भी पहुंचे और धरना दे रहे वकीलों के सामने इस पूरी घटना पर खेद जताया. उन्होंने भरोसा दिया कि भविष्य में मिलजुल कर काम करेंगे. इसके बाद वकील भी शांत हो गए.



