
सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश: आज के दौर में जहां लोग बाइक, कार और दूसरी आधुनिक गाड़ियों से सफर करना पसंद करते हैं, वहीं एक परिवार ऐसा भी है जो आज तक घोड़े की सवारी को अपनी पहचान बनाए हुए है। परिवार के मुखिया के बाद अब उनका बेटा भी इस पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
पिता से मिली घोड़े की सवारी की विरासत
सुल्तानपुर के महेशरगंज निवासी श्याम करन का परिवार घोड़े से सफर करने के लिए जाना जाता है। आधुनिक परिवहन के साधन मौजूद होने के बावजूद श्याम करन घोड़े पर सवार होकर अपना सफर तय करते हैं।
बताया जाता है कि यह परंपरा उनके परिवार में पहले से चली आ रही है। उनके पिता भी घोड़े से यात्रा किया करते थे। अब पिता के बाद श्याम करन ने इस परंपरा को संभाल लिया है और इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
आधुनिक दौर में भी कायम है पुराना अंदाज
आज जहां ज्यादातर लोग रोजमर्रा के कामों के लिए मोटरसाइकिल और कार का इस्तेमाल करते हैं, वहीं श्याम करन का घोड़े से सफर करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
उनका यह अंदाज पुरानी परंपराओं और पारिवारिक विरासत से जुड़ाव को दर्शाता है। बदलते समय के बावजूद परिवार ने अपनी इस खास पहचान को कायम रखा है।
Satya Report: यह खबर उपलब्ध स्थानीय जानकारी पर आधारित है।



