
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऑफिस का काम लोगों की दिनचर्या का बड़ा हिस्सा बन चुका है। घंटों कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठना, लगातार काम का दबाव, समय पर टारगेट पूरा करने की चिंता और शारीरिक गतिविधियों की कमी कर्मचारियों की सेहत पर असर डाल रही है। कई लोग सुबह ऑफिस जाते समय बिल्कुल सामान्य महसूस करते हैं, लेकिन शाम होते-होते गर्दन, कमर और आंखों में दर्द के साथ मानसिक थकान भी महसूस करने लगते हैं।
लगातार एक ही जगह बैठकर काम करने की आदत धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। ऐसे में योग एक आसान तरीका बन सकता है, जिसकी मदद से कर्मचारी अपनी दिनचर्या में थोड़ी शारीरिक गतिविधि और मानसिक शांति को शामिल कर सकते हैं।
लंबे समय तक बैठकर काम करने से होने वाली परेशानियां
ऑफिस में लगातार कुर्सी पर बैठे रहने और कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल करने से शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर दबाव पड़ता है। इसकी वजह से कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती हैं।
1. गर्दन और कमर में दर्द: कंप्यूटर स्क्रीन की तरफ लगातार झुककर देखने और गलत तरीके से बैठने से गर्दन, कंधों और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है। लंबे समय तक यही स्थिति बनी रहने पर दर्द की समस्या बढ़ सकती है।
2. आंखों में थकान: लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में सूखापन, जलन, धुंधलापन और सिरदर्द जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसे डिजिटल आई स्ट्रेन के रूप में जाना जाता है।
3. मानसिक तनाव: काम का दबाव, लगातार मीटिंग और समय सीमा में काम पूरा करने की चिंता कर्मचारियों को मानसिक रूप से थका सकती है। इसका असर नींद और काम करने की क्षमता पर भी पड़ सकता है।
4. शारीरिक सक्रियता में कमी: घंटों बैठे रहने से शरीर की गतिविधियां कम हो जाती हैं। इससे वजन बढ़ने और लंबे समय में हृदय तथा मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है।
ऑफिस में योग करने से कैसे मिल सकता है फायदा?
योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन में भी मदद कर सकता है। ऑफिस में थोड़े समय के लिए योग और स्ट्रेचिंग करने से कर्मचारियों को कई फायदे मिल सकते हैं।
- तनाव कम करने में मदद: गहरी और नियंत्रित सांस लेने के अभ्यास से मन को शांत करने और तनाव संभालने में मदद मिल सकती है।
- मांसपेशियों को आराम: गर्दन, कंधों, हाथों और पीठ की हल्की स्ट्रेचिंग से लंबे समय तक बैठने के कारण होने वाली जकड़न कम हो सकती है।
- एकाग्रता में सुधार: ध्यान और श्वास संबंधी अभ्यास मानसिक रूप से शांत रहने और काम पर ध्यान केंद्रित करने में सहायक हो सकते हैं।
- थकान से राहत: बीच-बीच में उठकर चलना और हल्के योग अभ्यास करना शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।
डेस्क पर बैठकर भी कर सकते हैं ये आसान योग अभ्यास
ऑफिस में योग करने के लिए हमेशा अलग जगह या योग मैट की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान अभ्यास कुर्सी पर बैठकर भी किए जा सकते हैं।
1. हाथों को ऊपर उठाएं: कुर्सी पर सीधे बैठकर दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाएं। अब हथेलियों को ऊपर की ओर ले जाकर शरीर को हल्का खींचें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
2. गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग: आराम से बैठकर सिर को धीरे-धीरे दाईं और बाईं ओर झुकाएं। इसके बाद सामान्य स्थिति में लौट आएं। किसी भी तरह का झटका देने से बचें।
3. आंखों को दें आराम: लगातार स्क्रीन देखने के बजाय कुछ समय के लिए दूर रखी किसी वस्तु को देखें। बीच-बीच में पलकें झपकाएं और आंखों को आराम दें।
4. गहरी सांस लेने का अभ्यास: कुर्सी पर सीधे बैठकर धीरे-धीरे सांस अंदर लें और फिर आराम से बाहर छोड़ें। इस प्रक्रिया को कुछ बार दोहराएं। इससे मन को शांत करने में मदद मिल सकती है।
5. कुछ देर टहलें: हर 30 से 60 मिनट के बीच अपनी कुर्सी से उठें और थोड़ी देर चलें। इससे लंबे समय तक बैठे रहने की आदत टूटती है।
कंपनियां भी अपना रही हैं योग और वेलनेस प्रोग्राम
अब कई संस्थान कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कॉर्पोरेट वेलनेस कार्यक्रमों पर ध्यान दे रहे हैं। इनमें योग सत्र, ध्यान, तनाव प्रबंधन और शारीरिक गतिविधियों को शामिल किया जाता है।
भारत में आयुष मंत्रालय की ओर से कार्यस्थल पर योग को बढ़ावा देने के लिए Y-Break की पहल भी की गई है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को काम के बीच छोटे योग अभ्यासों के लिए प्रोत्साहित करना है।
योग प्रशिक्षकों की मदद से कार्यालयों में नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जा सकती हैं। इससे कर्मचारियों को सही तरीके से योग करने और अपनी दिनचर्या में स्वस्थ आदतें शामिल करने का अवसर मिलता है।
स्वस्थ कर्मचारी ही बेहतर कार्यस्थल की पहचान
ऑफिस में काम का दबाव पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन अपनी दिनचर्या में छोटे बदलाव करके शरीर और मन को बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है। नियमित योग, पर्याप्त नींद, संतुलित खानपान और बीच-बीच में चलने की आदत कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है।
इसलिए योग को केवल खाली समय की गतिविधि समझने के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है। दिन में कुछ मिनट अपने स्वास्थ्य के लिए निकालना लंबे समय में अच्छी आदत साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी बीमारी या लगातार दर्द की स्थिति में योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
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