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रात में खाने​​​ की ये गलतियां लिवर के लिए बन सकती हैं खतरा, फैटी लिवर से बचने के लिए डॉ. सरीन ने दी अहम सलाह

रात में खाने​​​ की ये गलतियां लिवर के लिए बन सकती हैं खतरा, फैटी लिवर से बचने के लिए डॉ. सरीन ने दी अहम सलाह

लिवर हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह भोजन को पचाने, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने और ऊर्जा को स्टोर करने जैसे 500 से अधिक जरूरी काम करता है। ऐसे में लिवर को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। लेकिन आजकल की बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और देर रात भोजन करने की आदत लिवर की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। खासतौर पर ज्यादा तला-भुना, मीठा और वसायुक्त भोजन फैटी लिवर की समस्या का खतरा बढ़ा सकता है।

इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS), नई दिल्ली के निदेशक और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. शिव कुमार सरीन ने लिवर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान में सुधार करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि रात के समय भारी भोजन और अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। अक्सर लोग रात में देर से खाना खाते हैं या सोने से ठीक पहले कुछ न कुछ खाते रहते हैं। यह आदत शरीर के मेटाबॉलिज्म और वजन को प्रभावित कर सकती है, जिससे फैटी लिवर का जोखिम बढ़ सकता है।

रात में भारी खाना खाने से लिवर पर क्या असर पड़ता है?

डॉ. सरीन के अनुसार, देर रात तक हाई कैलोरी और भारी भोजन करने से बचना चाहिए। खासकर ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें रिफाइंड शुगर, ज्यादा कार्बोहाइड्रेट और सैचुरेटेड फैट मौजूद हो, उनका अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

रात में सोने से ठीक पहले अधिक मात्रा में भोजन करने से शरीर की मेटाबॉलिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिलने पर शरीर अतिरिक्त ऊर्जा को फैट के रूप में जमा करने लगता है। इसका असर लिवर पर भी पड़ सकता है और धीरे-धीरे लिवर में वसा जमा होने की आशंका बढ़ सकती है।

देर रात खाने की आदत वजन बढ़ने और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है। यही कारण है कि रात का भोजन हल्का और संतुलित रखने की सलाह दी जाती है।

फैटी लिवर होने पर शरीर में हो सकती हैं ये परेशानियां

फैटी लिवर को केवल लिवर से जुड़ी समस्या समझना सही नहीं है। इसका असर शरीर के मेटाबॉलिक और हृदय स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। डॉ. सरीन के मुताबिक, लिवर में अधिक फैट जमा होने से कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

  • ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा: फैटी लिवर का संबंध इंसुलिन रेजिस्टेंस से हो सकता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ता है।
  • दिल की बीमारियों का खतरा: फैटी लिवर वाले लोगों में हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम भी अधिक पाया जाता है।
  • कोलेस्ट्रॉल में बदलाव: कुछ लोगों में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ सकते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर कम हो सकता है।
  • लिवर में सूजन: कुछ मरीजों में फैट जमा होने के साथ लिवर की कोशिकाओं में सूजन और नुकसान भी हो सकता है।
  • लिवर सिरोसिस: लंबे समय तक लिवर में सूजन रहने से स्कार टिश्यू बन सकते हैं। गंभीर स्थिति में सिरोसिस की समस्या हो सकती है।
  • लिवर कैंसर का जोखिम: बीमारी के गंभीर चरणों में लिवर कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए डॉ. सरीन ने बताए ये उपाय

डॉ. शिव कुमार सरीन ने लिवर को स्वस्थ रखने के लिए खानपान के साथ शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान देने की सलाह दी है। उनके अनुसार, शरीर जितनी कैलोरी खर्च करता है, उसके मुकाबले जरूरत से ज्यादा कैलोरी जमा नहीं होनी चाहिए।

1. रोजाना शारीरिक गतिविधियां करें

लिवर में फैट जमा होने से बचने के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां जरूरी हैं। रोजाना टहलना, साइकिल चलाना और अपनी क्षमता के अनुसार एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।

2. शराब और मीठे पेय पदार्थों से बचें

शराब, व्हिस्की, बीयर और ज्यादा चीनी वाले कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन लिवर की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इनसे दूरी बनाना बेहतर है।

3. ब्लैक कॉफी का सीमित सेवन करें

डॉ. सरीन ने ब्लैक कॉफी को भी लिवर की सेहत के लिए उपयोगी बताया है। कुछ अध्ययनों में कॉफी के सेवन को लिवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस के कम जोखिम से जोड़ा गया है। हालांकि, कॉफी किसी लिवर बीमारी का इलाज नहीं है।

4. हरी और रंगीन सब्जियां खाएं

हरी पत्तेदार सब्जियों और अलग-अलग रंगों की सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें। इनमें मौजूद फाइबर और पोषक तत्व संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।

5. हल्दी को डाइट में शामिल करें

हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है। इसे संतुलित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, हल्दी को फैटी लिवर का प्रमाणित इलाज नहीं समझना चाहिए।

6. घी का सेवन सीमित मात्रा में करें

डॉ. सरीन ने घी के सेवन का भी जिक्र किया है। हालांकि, घी में सैचुरेटेड फैट होता है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक घी खाना लिवर के लिए फायदेमंद नहीं माना जा सकता।

7. आलू और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का अधिक सेवन न करें

अगर फैटी लिवर की समस्या है तो आलू, सफेद ब्रेड, मिठाई और अन्य रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचें। पूरी तरह आलू छोड़ने के बजाय संतुलित मात्रा और संपूर्ण डाइट पर ध्यान देना चाहिए।

रात के खाने में इन बातों का रखें ध्यान

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए रात का भोजन हल्का और संतुलित रखें। सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से बचें। तली-भुनी चीजें, ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थ और अधिक कैलोरी वाले स्नैक्स की जगह सब्जियां, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ और संतुलित प्रोटीन को प्राथमिकता दें। साथ ही नियमित दिनचर्या और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि बनाए रखें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। यह डॉ. शिव कुमार सरीन द्वारा बताई गई सलाह और उपलब्ध स्वास्थ्य जानकारियों पर आधारित है। फैटी लिवर या लिवर से जुड़ी किसी भी समस्या का निदान और उपचार केवल योग्य डॉक्टर की सलाह से ही कराएं।

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