
तरहसी, पलामू, झारखंड: पति की दूसरी शादी पारिवारिक विवाद की वजह बनी और मामला हत्या तक पहुंच गया। पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र के बेदानीखुर्द गांव में 45 वर्षीय तुलेश्वर महतो की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पति की दूसरी शादी से नाराज पत्नी उर्मिला देवी ने कथित तौर पर डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 को तुलेश्वर महतो को घर से बाहर बुलाया गया और गोली मार दी गई। घटना के बाद मृतक के भाई मुरारी महतो के बयान पर तरहसी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए लेस्लीगंज एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
दूसरी शादी से शुरू हुई रंजिश
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के साढ़ू शैलेश महतो और उसके बेटे राहुल कुमार से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राहुल ने बताया कि तुलेश्वर ने उसकी मौसी उर्मिला देवी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली थी। इसी बात को लेकर उर्मिला नाराज थी और पति से उसकी रंजिश चल रही थी।
पुलिस का आरोप है कि इसी नाराजगी के चलते उर्मिला ने पति की हत्या की योजना बनाई। इस साजिश में राहुल कुमार भी शामिल हुआ। कथित तौर पर हत्या के लिए डेढ़ लाख रुपये की रकम तय की गई।
ट्रक चालक के जरिए शूटर तक पहुंची सुपारी
पुलिस के अनुसार, राहुल कुमार ने अपने साथ ट्रक चलाने वाले मनिका निवासी शंकर यादव के माध्यम से नरेश सिंह को हत्या की सुपारी दी। इसके बाद नरेश ने तुलेश्वर महतो को गोली मार दी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उर्मिला देवी, राहुल कुमार, शंकर यादव और नरेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया देशी कट्टा और एक गोली बरामद की गई है।
दो बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई आर-15 बाइक और रेकी के लिए उपयोग की गई पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की है। इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब मामले में अन्य साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड की साजिश में परिवार से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई है। दूसरी शादी को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार एक व्यक्ति की जान जाने की वजह बना।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट पुलिस की ओर से जारी जानकारी पर आधारित है। सभी आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।



