
आजकल कई लोगों को एक से ज्यादा स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं। किसी को ब्लड प्रेशर की दवा लेनी पड़ती है, तो किसी को डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल या दर्द के लिए अलग-अलग मेडिसिन की जरूरत होती है। कुछ लोग डॉक्टर की सलाह से इन दवाओं के साथ विटामिन, सप्लीमेंट या बिना पर्चे मिलने वाली दवाएं भी लेते हैं।
हालांकि, एक से ज्यादा दवाएं लेना हमेशा नुकसानदायक नहीं होता। कई बार अलग-अलग बीमारियों को नियंत्रित रखने के लिए ऐसा करना जरूरी होता है। लेकिन जब कई दवाएं एक साथ ली जाती हैं, तो उनके बीच ड्रग इंटरेक्शन यानी आपसी प्रतिक्रिया का जोखिम बढ़ सकता है। इससे किसी दवा का असर कम या ज्यादा हो सकता है और कुछ मामलों में साइड इफेक्ट भी गंभीर हो सकते हैं।
खासकर बुजुर्गों को इस मामले में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की दवाओं को अवशोषित करने, तोड़ने और बाहर निकालने की क्षमता में बदलाव आ सकता है।
एक दिन में कई दवाएं लेने से ड्रग इंटरेक्शन का खतरा क्यों बढ़ता है?
ड्रग इंटरेक्शन तब होता है, जब एक दवा का असर दूसरी दवा, किसी खाद्य पदार्थ, पेय या सप्लीमेंट की वजह से बदल जाता है। उदाहरण के लिए, दो दवाएं एक साथ लेने पर किसी एक का प्रभाव बढ़ सकता है, जबकि कुछ मामलों में उसका असर कम हो सकता है।
कुछ दवाओं को मिलाकर लेने से नींद, चक्कर, ब्लड प्रेशर कम होने या ब्लीडिंग जैसी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सी दवाएं ली जा रही हैं, उनकी खुराक कितनी है और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति कैसी है।
इसलिए केवल दवाओं की संख्या देखकर खतरे का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। जरूरी है कि डॉक्टर और फार्मासिस्ट को अपनी सभी दवाओं की जानकारी दी जाए।
पॉलीफार्मेसी क्या है और बुजुर्गों में क्यों बढ़ती है चिंता?
जब कोई व्यक्ति एक साथ कई दवाओं का नियमित सेवन करता है, तो इस स्थिति को पॉलीफार्मेसी (Polypharmacy) कहा जाता है। यह खासतौर पर उन लोगों में देखने को मिलती है, जिन्हें एक से अधिक बीमारियां होती हैं।
बुजुर्गों में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, गठिया, हृदय रोग और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण कई दवाएं लेने की जरूरत पड़ सकती है। उम्र बढ़ने के साथ लिवर और किडनी की कार्यक्षमता में बदलाव आने से कुछ दवाएं शरीर में अधिक समय तक रह सकती हैं।
इसके अलावा, बुजुर्गों में एक साथ कई दवाएं लेने से भ्रम, चक्कर, गिरने, अत्यधिक नींद और दूसरी प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं का जोखिम बढ़ सकता है। कभी-कभी एक डॉक्टर को दूसरी जगह से लिखी गई दवाओं की पूरी जानकारी नहीं होती, जिससे दवाओं के बीच अनचाही प्रतिक्रिया का खतरा पैदा हो सकता है।
ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ दूसरी मेडिसिन लेने पर क्या हो सकता है?
ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने के लिए अलग-अलग प्रकार की दवाएं दी जाती हैं। इनके साथ कुछ दूसरी दवाएं लेने पर रक्तचाप या किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
उदाहरण के लिए, कुछ दर्द निवारक दवाएं, खासकर NSAIDs समूह की दवाएं, कुछ मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं और किडनी पर असर डाल सकती हैं। वहीं, ब्लड प्रेशर कम करने वाली कई दवाओं के प्रभाव एक साथ बढ़ने पर रक्तचाप जरूरत से ज्यादा नीचे जा सकता है।
ऐसी स्थिति में चक्कर आना, कमजोरी या खड़े होते समय आंखों के सामने अंधेरा छाना जैसी परेशानी हो सकती है। इसलिए बीपी की दवा लेने वाले लोगों को कोई नई पेन किलर या दूसरी मेडिसिन शुरू करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
डायबिटीज की दवाओं के साथ दूसरी मेडिसिन का क्या असर हो सकता है?
डायबिटीज के मरीजों को ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए अलग-अलग दवाएं दी जाती हैं। कुछ दूसरी मेडिसिन इनके असर को बदल सकती हैं।
उदाहरण के लिए, कुछ स्टेरॉइड दवाएं ब्लड ग्लूकोज का स्तर बढ़ा सकती हैं। वहीं, डायबिटीज की कुछ दवाओं के साथ भोजन कम करना, बीमारी के दौरान खानपान में बदलाव या दूसरी दवाओं का प्रभाव मिलकर ब्लड शुगर बहुत कम होने का खतरा बढ़ा सकता है।
ब्लड शुगर कम होने पर पसीना आना, कंपकंपी, तेज भूख, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।
इसलिए डायबिटीज के मरीजों को नई दवा शुरू करने या पुरानी दवा बंद करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जरूरत के अनुसार ब्लड शुगर की नियमित जांच भी जरूरी है।
दवाओं के साथ विटामिन और सप्लीमेंट लेना भी हो सकता है जोखिम भरा
कई लोग सोचते हैं कि विटामिन, हर्बल उत्पाद और सप्लीमेंट प्राकृतिक होते हैं, इसलिए उनसे कोई नुकसान नहीं हो सकता। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।
कुछ सप्लीमेंट दवाओं के असर को बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन K की मात्रा में अचानक बदलाव वारफरिन जैसी खून पतला करने वाली दवा के प्रभाव को प्रभावित कर सकता है। वहीं, कुछ हर्बल उत्पाद दूसरी दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।
इसलिए डॉक्टर को अपनी सभी दवाओं के साथ विटामिन, प्रोटीन पाउडर, हर्बल उत्पाद और अन्य सप्लीमेंट की जानकारी भी जरूर दें।
ड्रग इंटरेक्शन के कौन-से लक्षण दिखाई दे सकते हैं?
दवाओं के बीच प्रतिक्रिया होने पर हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सी दवाएं एक साथ ली गई हैं।
कुछ संभावित संकेत इस प्रकार हैं:
- सामान्य से अधिक नींद या सुस्ती महसूस होना।
- चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना।
- मतली, उल्टी या पेट में परेशानी होना।
- ब्लड प्रेशर का बहुत कम या ज्यादा हो जाना।
- ब्लड शुगर का असामान्य रूप से बढ़ना या घटना।
- त्वचा पर दाने, खुजली या सूजन होना।
- असामान्य रूप से खून बहना या आसानी से चोट लगना।
सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन, बेहोशी, दौरा या गंभीर एलर्जी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
ड्रग इंटरेक्शन से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां
1. सभी दवाओं की सूची बनाएं: आप जो भी दवाएं लेते हैं, उनकी जानकारी एक जगह लिखकर रखें। इसमें डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं के साथ बिना पर्चे मिलने वाली मेडिसिन और सप्लीमेंट भी शामिल करें।
2. हर डॉक्टर को पूरी जानकारी दें: किसी नए डॉक्टर से इलाज कराते समय अपनी सभी दवाओं के बारे में बताएं। इससे दवाओं के बीच संभावित प्रतिक्रिया पहचानने में मदद मिलती है।
3. खुद से दवा शुरू या बंद न करें: किसी दूसरी बीमारी के लिए दवा लेने या पुरानी दवा की खुराक बदलने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
4. दवा लेने का समय समझें: कुछ दवाएं खाने के साथ और कुछ खाली पेट लेनी होती हैं। डॉक्टर या फार्मासिस्ट के बताए निर्देशों का पालन करें।
5. नियमित दवा समीक्षा कराएं: खासकर बुजुर्ग और कई बीमारियों से जूझ रहे मरीज समय-समय पर डॉक्टर से अपनी सभी दवाओं की समीक्षा कराएं। इससे गैरजरूरी या एक जैसी दवाओं की पहचान हो सकती है।
6. सप्लीमेंट को भी हल्के में न लें: विटामिन, हर्बल दवाओं और अन्य सप्लीमेंट का सेवन शुरू करने से पहले संभावित इंटरेक्शन के बारे में पूछें।
क्या कई दवाएं एक साथ लेना हमेशा गलत है?
नहीं। कई बीमारियों के इलाज के लिए एक से ज्यादा दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। अगर डॉक्टर ने आपकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए दवाएं निर्धारित की हैं, तो उन्हें अपनी मर्जी से बंद करना नुकसानदायक हो सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि हर दवा की जरूरत, खुराक और दूसरी दवाओं के साथ उसके संभावित प्रभाव की समय-समय पर समीक्षा हो। सही जानकारी और चिकित्सकीय निगरानी से ड्रग इंटरेक्शन के जोखिम को कम किया जा सकता है।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। दवाओं का असर व्यक्ति की उम्र, बीमारी और अन्य दवाओं पर निर्भर करता है। बिना डॉक्टर की सलाह के किसी दवा को शुरू, बंद या उसकी खुराक में बदलाव न करें।



