
मोहाली, पंजाब: पंजाब में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के परिवार से जुड़े युवक पर गैंगस्टर बनने की चाह में अपराध की दुनिया में कदम रखने का आरोप लगा है। स्पेशल डीजीपी रैंक के अधिकारी के भतीजे आकाशदीप सिंह को मोहाली में पांच-पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और तीन घरों पर फायरिंग के मामलों में मुख्य आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपी फिलहाल जेल में बंद है।
पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया था कि आकाशदीप गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की गतिविधियों और उसके तौर-तरीकों से प्रभावित था। आरोप है कि वह भी अपराध की दुनिया में अपनी पहचान और दबदबा बनाना चाहता था।
तीन घरों पर फायरिंग के मामलों में मुख्य आरोपित
मोहाली में रंगदारी के लिए तीन अलग-अलग घरों पर गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं। पुलिस जांच के मुताबिक, विदेश में बैठे गैंग से जुड़े कुलवीर सिंह सिद्धू ने तीनों पीड़ितों से पांच-पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं मिलने पर उनके घरों को निशाना बनाया गया।
पुलिस ने इन तीनों घटनाओं में आकाशदीप की भूमिका अहम बताई है और उसे चार्जशीट में मुख्य आरोपित बनाया है।
सितंबर में तीन अलग-अलग वारदातें
पुलिस के अनुसार, पहली घटना 4 और 5 सितंबर 2026 की रात फेज-10 में हुई। यहां सैय्यम डुडेजा के घर पर फायरिंग की गई।
इसके बाद 7 सितंबर को इसी इलाके में उनके कारोबारी साझेदार बलजीत सिंह के घर को निशाना बनाया गया। तीसरी घटना 14 सितंबर को सेक्टर-104 में जगदीप सिंह मान के घर पर हुई।
तीसरी वारदात के दौरान घर में काम कर रहा सचिन गोली लगने से घायल हो गया था। तीनों घटनाओं के संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
मां भी दूसरे हत्याकांड में हो चुकी है गिरफ्तार
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू आकाशदीप की मां अमरीन राय से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस ने 18 मार्च 2026 को उन्हें सेक्टर-9 में हुए चिन्नी कुबाहेड़ी हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार किया था।
पुलिस जांच में आरोप लगाया गया था कि संपत्ति विवाद के चलते अमरीन ने गैंगस्टर लक्की पटियाल को कथित तौर पर सुपारी देकर चिन्नी की हत्या करवाई थी।
इस तरह मां और बेटे के मामले अलग-अलग पुलिस जांच से जुड़े हैं। अमरीन को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि आकाशदीप को मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया।
जेल में बंद गैंगस्टर से संपर्क का भी आरोप
मोहाली पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आकाशदीप और उसके कुछ साथी बुड़ैल जेल में बंद गैंगस्टर रविंदर सिंह उर्फ काली के संपर्क में थे। इसके अलावा विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू से भी उनके संपर्क होने की बात सामने आई।
पुलिस ने इस मामले में करीब आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान आरोपितों के कब्जे से पांच पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई एक फॉर्च्यूनर कार बरामद करने का दावा किया गया।
बरामद हथियारों में दो विदेशी जिगाना पिस्टल और .30 बोर की तीन अन्य पिस्टल शामिल बताई गई हैं। पुलिस के मुताबिक, वारदात में इस्तेमाल कार पर अस्थायी नंबर लगाया गया था।
पुलिस ने दाखिल की चार्जशीट
तीनों फायरिंग की घटनाओं की जांच के बाद मोहाली पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें आकाशदीप को मुख्य आरोपित बताया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य आरोपितों और कथित गैंग नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।
फिलहाल आकाशदीप जेल में है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस जांच से जुड़ी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Satya Report



