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बंगाल में CAA के लंबित आवेदनों पर बड़ा फैसला, 31 दिसंबर तक नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य

बंगाल में CAA के लंबित आवेदनों पर बड़ा फैसला, 31 दिसंबर तक नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने का लक्ष्य

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत लंबित आवेदनों को लेकर राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर तक पात्र आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया है कि राज्य के नदिया और उत्तर 24 परगना जिलों में करीब 2.5 लाख आवेदन लंबित हैं। इन आवेदनों की जांच और निपटारे के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। अब अनुमंडल अधिकारी (SDO) आवेदनों का सत्यापन करेंगे और जरूरत पड़ने पर आवेदकों की सुनवाई भी करेंगे।

CAA के तहत किन लोगों को मिल सकता है लाभ?

नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। इसके लिए शर्त है कि संबंधित व्यक्ति 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत आ चुका हो।

केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में इस कानून के नियम अधिसूचित किए थे। इसके बाद पात्र लोगों के आवेदन और उनकी जांच की प्रक्रिया शुरू हुई। अब पश्चिम बंगाल सरकार लंबित मामलों को जल्द निपटाने की दिशा में काम करने की बात कह रही है।

पिछली सरकार पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे पर पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकार के दौरान CAA से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने में पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। मौजूदा सरकार अब पात्र लोगों को नागरिकता दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाना चाहती है।

हालांकि, 31 दिसंबर तक सभी लंबित आवेदनों का निपटारा होगा या नहीं, यह जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

मंदिरों और मठों के संरक्षण की भी तैयारी

CAA के अलावा राज्य सरकार ने मंदिरों और मठों के संरक्षण को लेकर भी एक योजना की बात कही है। इसके तहत अगले दो वर्षों में करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च कर ‘तीर्थक्षेत्र सर्किट’ विकसित करने और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की योजना प्रस्तावित है।

इस योजना में उन धार्मिक संस्थानों को शामिल करने की बात कही गई है जो निजी स्वामित्व में नहीं हैं। सरकार का उद्देश्य धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों का संरक्षण करना बताया गया है।

Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और संबंधित बयानों पर आधारित है। CAA आवेदनों के अंतिम निपटारे और सरकारी योजनाओं की प्रगति से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पुष्टि के अनुसार बदल सकती है।

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