अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अगले कुछ वर्षों में हर साल 35,000 करोड़ रुपए से 40,000 करोड़ रुपए तक खर्च करने की योजना बना रही है. कंपनी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार का विस्तार कर रही है, जिसमें एयरपोर्ट, डेटा सेंटर और प्रस्तावित PVC कॉम्प्लेक्स निवेश के सबसे बड़े केंद्र होंगे. कंपनी की अर्निंग कॉल के दौरान, अडानी एंटरप्राइजेज के फाइनेंस हेड मनन वखारिया ने कहा कि हम लगभग 40,000 करोड़ रुपए की दर से कैपिटल एक्सपेंडिचर करने की उम्मीद कर रहे हैं.

इसलिए, यह खर्च 35,000 करोड़ रुपए से 40,000 करोड़ रुपए के दायरे में हो सकता है, और हमें उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षों तक यही स्तर बना रहेगा. यह योजना ऐसे समय में आई है जब समूह हाल के वर्षों में खड़े किए गए अपने व्यवसायों जैसे एयरपोर्ट और डेटा सेंटर को और बड़ा करना चाहता है, साथ ही अपने बड़े मैन्युफैक्चरिंग निवेशों को कमर्शियल ऑपरेशन के करीब लाना चाहता है. वखारिया ने कहा कि एयरपोर्ट, डेटा सेंटर और PVC इस विस्तार में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे.
कितनी हुई 6 महीनों में कमाई
अडानी समूह की प्रमुख कंपनी, अडानी एंटरप्राइजेज ने सितंबर 2026 को समाप्त छह महीनों के लिए अब तक का सबसे अधिक छमाही EBITDA 11,958 करोड़ रुपए दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 प्रतिशत अधिक है. कंपनी की कुल आय 62 प्रतिशत बढ़कर 71,569 करोड़ रुपए हो गई, जबकि जारी कार्यों से टैक्सपूर्व लाभ 45 प्रतिशत बढ़कर 3,297 करोड़ रुपए हो गया. मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण बंसल ने कहा कि कंपनी अब “निर्माण चरण” से आगे बढ़कर “मूल्य प्राप्ति चरण” की ओर बढ़ रही है, पिछले कुछ वर्षों में किए गए निवेश अब कंपनी की कमाई में अधिक सार्थक योगदान देने लगे हैं.
एयरपोर्ट और डेटा सेंटर की अहम भूमिका
इस बदलाव में एयरपोर्ट बिजनेस और डेटा सेंटर मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने पहली छमाही में अपने EBITDA में 52 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है, जो 3,275 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है. वहीं, डेटा सेंटर के लिए कंपनी के जॉइंट वेंचर, ‘अडानीकॉनेक्स’ ने अपनी अनुबंधित क्षमता को बढ़ाकर 1.2 गीगावाट से अधिक कर लिया है. अडानीकॉनेक्स ने सितंबर तिमाही के दौरान 240 मेगावाट का एक नया हाइपरस्केल कॉन्ट्रैक्ट साइन किया. इस अवधि में ग्राहकों को अतिरिक्त 29.2 मेगावाट सौंपने के बाद, कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता 94.6 मेगावाट हो गई.
कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक ऑपरेशनल क्षमता 120150 मेगावाट तक पहुंच जाएगी. अगले 1218 महीनों में यह 500 मेगावाट के करीब पहुंचने की संभावना है, जब इन सुविधाओं से बिलिंग रेवेन्यू मिलना शुरू हो जाएगा. कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, 1.4 गीगावाट की जो डेटासेंटर क्षमता विकसित की जा रही है, उसमें से 1.2 गीगावाट के लिए पहले ही करार हो चुका है और यह काम कार्यान्वयन और निर्माण के अलगअलग चरणों में है. कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, उनके एयरपोर्ट पोर्टफोलियो में आठ हवाई अड्डे शामिल हैं . भारत के कुल पैसेंजर ट्रैफिक का लगभग 23 प्रतिशत और एयर कार्गो वॉल्यूम का 29 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं हवाई अड्डों से आता है.
एयरपोर्ट से कमाई
सितंबर तिमाही में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने 2.13 करोड़ यात्रियों को संभाला. कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 3,786 करोड़ रुपए हो गया, जबकि EBITDA 55 प्रतिशत बढ़कर 1,641 करोड़ रुपए हो गया. नॉनएरोनॉटिकल रेवेन्यू में 57 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो कि एरोनॉटिकल रेवेन्यू में हुई 9 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में काफी तेज है. नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 15 जुलाई से अपना अंतरराष्ट्रीय परिचालन शुरू कर दिया.
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2028 के अंत तक यह हवाई अड्डा अपनी 2 करोड़ यात्रियों की सालाना क्षमता तक पहुंच जाएगा. इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों का विस्तार और मुंबई के मौजूदा हवाई अड्डों से कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का यहां ट्रांसफर होना मददगार साबित होगा.
कंपनी का एक और बड़ा निवेश गुजरात के मुंद्रा में 1 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला PVC मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स है, जिसमें लगभग 26,000 करोड़ रुपए का कैपेक्स शामिल है. इस प्रोजेक्ट का लगभग 60 प्रतिशत खर्च और निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में इस कॉम्प्लेक्स का पहला हिस्सा चालू हो जाएगा. इस सुविधा में संबंधित रसायन और क्लोरअल्कली से जुड़े कामकाज भी शामिल होंगे.
सोलर मॉड्यूल का विस्तार
इसके अलावा, अडानी एंटरप्राइजेज ने अपनी सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता का विस्तार करके इसे 10 GW तक पहुंचा दिया है. कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक वह 6 GW की सोलर सेल क्षमता भी शुरू कर देगी. सितंबर तिमाही में कंपनी ने 1,478 MW के सोलर मॉड्यूल बेचे, जो एक साल पहले की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक है. इस प्रस्तावित निवेश चक्र में कंपनी को अपने विस्तार कार्यों, प्रोजेक्ट को पूरा करने और नई शुरू की गई संपत्तियों से रिटर्न हासिल करने के बीच संतुलन बनाए रखना होगा. प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2027 के लिए EBITDA का कोई निश्चित अनुमान नहीं दिया है.



