
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी को वित्त वर्ष 2025-26 में मिलने वाले बड़े चंदे में भारी कमी दर्ज की गई है। निर्वाचन आयोग को सौंपी गई योगदान रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी को 20 हजार रुपये से अधिक के चंदे के रूप में कुल 130.69 करोड़ रुपये मिले। जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह रकम 517.39 करोड़ रुपये थी। इस तरह एक साल के भीतर कांग्रेस के चंदे में करीब 75 प्रतिशत यानी 386.70 करोड़ रुपये की गिरावट आई है।
पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह कांग्रेस के लिए चंदे में सबसे बड़ी सालाना गिरावट बताई जा रही है। खास बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष में लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी को बड़ी मात्रा में योगदान मिला था, लेकिन नए वित्त वर्ष में यह आंकड़ा काफी नीचे आ गया।
प्रूडेंट ट्रस्ट के योगदान में भी आई कमी
कांग्रेस को मिलने वाले चंदे में गिरावट की एक प्रमुख वजह प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिलने वाली रकम का कम होना है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस ट्रस्ट ने कांग्रेस को 216.34 करोड़ रुपये दिए थे। वहीं, 2025-26 में इसका योगदान घटकर केवल 25 करोड़ रुपये रह गया।
इस तरह ट्रस्ट की ओर से मिलने वाली राशि में करीब 88 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। कांग्रेस की नवीनतम योगदान रिपोर्ट में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट को एकमात्र इलेक्टोरल ट्रस्ट के रूप में दर्ज किया गया है।
इसके अलावा स्टार सीमेंट ने पार्टी को 5 करोड़ रुपये का योगदान दिया। सज्जन भजंका ने 4 करोड़ रुपये और प्रेम कुमार भजंका ने 2 करोड़ रुपये दिए।
पिछले वर्षों में कैसा रहा कांग्रेस के चंदे का आंकड़ा?
पिछले 12 वित्त वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस को 2015-16 में भी चंदे में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा था। उस समय पार्टी का योगदान पिछले वित्त वर्ष के 141.46 करोड़ रुपये से करीब 86 प्रतिशत घट गया था।
हालांकि, इसके बाद के वर्षों में चंदे में बढ़ोतरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में कांग्रेस को 281.48 करोड़ रुपये मिले थे। इसके बाद 2024-25 में यह रकम बढ़कर 517.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। लेकिन 2025-26 में एक बार फिर इसमें बड़ी कमी दर्ज की गई।
भाजपा और कांग्रेस के चंदे में कितना अंतर?
वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 20 हजार रुपये से अधिक के योगदान के रूप में 6,074.02 करोड़ रुपये मिले थे। यह कांग्रेस को मिले 517.39 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 12 गुना अधिक था।
हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भाजपा की योगदान रिपोर्ट का आंकड़ा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसलिए दोनों दलों के बीच इस वित्त वर्ष के चंदे की तुलना करना फिलहाल संभव नहीं है। पिछले 12 वित्त वर्षों के उपलब्ध आंकड़ों में भाजपा को हर बार कांग्रेस से अधिक योगदान मिला है।
चुनावी बॉण्ड की रकम इन आंकड़ों में शामिल नहीं
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ऊपर दिए गए आंकड़ों में चुनावी बॉण्ड के जरिए मिले चंदे को शामिल नहीं किया गया है। चुनावी बॉण्ड योजना लागू रहने के दौरान इससे मिलने वाली रकम का विवरण अलग से दिया जाता था।
इसके अलावा, योगदान रिपोर्ट किसी राजनीतिक दल की पूरी आमदनी का ब्योरा नहीं होती। पार्टी की कुल आय में छोटे चंदे, सदस्यता शुल्क, कूपन की बिक्री और बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज भी शामिल होता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कांग्रेस की ऑडिट रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। ऐसे में पार्टी की कुल आय और खर्च की पूरी जानकारी सामने आना बाकी है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2024-25 में कांग्रेस को केवल कूपन की बिक्री से 350.12 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी।
Satya Report: यह रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को सौंपी गई योगदान रिपोर्ट में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। चंदे के आंकड़े पार्टी की कुल आमदनी को नहीं दर्शाते हैं।



