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जसप्रीत बुमराह को खेलना क्यों नामुमकिन? टीम इंडिया की जीत के बाद हुआ खुलासा

टीम इंडिया ने लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बना ली. इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने हाई-स्कोरिंग मुकाबले में 7 रन से करीबी जीत दर्ज की और अपने खिताब को डिफेंड करने के बेहद करीब पहुंच गई. अब नजरें लगातार दूसरी बार खिताब जीतने पर है और इसे सफल बनाने के लिए जिस खिलाड़ी की सबसे ज्यादा जरूरत होगी, वो हैं स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह. सेमीफाइनल में बुमराह ही एक बार फिर दोनों टीम के बीच अंतर साबित हुए, जिनके सामने इंग्लैंड के बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल पाए.

मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में हुए वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत और इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने जमकर रन बरसाए. दोनों टीम के गेंदबाजों की खूब धुनाई हुई. भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए 253 रन बनाए तो जवाब में इंग्लैंड ने भी 246 रन कूट दिए. इंग्लैंड की टीम लक्ष्य के इतने करीब आकर हार गई और इसमें बड़ी वजह रहे जसप्रीत बुमराह, जो इस मुकाबले में शामिल सभी गेंदबाजों में से सबसे किफायती रहे. बुमराह ने अपने 4 ओवर में 33 रन खर्चे और एक विकेट लिया.

बुमराह को खेलना क्यों इतना मुश्किल?

जिस मुकाबले में सभी गेंदबाजों ने 9 से ज्यादा के रेट से रन लुटाए, उसमें बुमराह अकेले ऐसे बॉलर थे, जिनका इकॉनमी रेट सिर्फ 8.25 था. मगर ऐसा हुआ क्यों? ये तो पूरी दुनिया जानती है कि बुमराह को खेलना आसान नहीं है लेकिन जिस पिच पर सब पिटे उस पर भी बुमराह कैसे सफल रहे? साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डुप्लेसी ने इसका खुलासा किया. ईएसपीएन-क्रिकइंफो के शो में डुप्लेसी ने कहा, “बुमराह का एक्शन इतना अलग सा है कि ये समझना मुश्किल है कि उनके हाथ से बॉल किस रफ्तार से निकल रही है. इसमें स्किल तो है ही लेकिन उनके एक्शन की वजह से भी है. ये बिल्कुल वैसा है, जैसे लसित मलिंगा का था. यही अलग तरीका उन्हें बल्लेबाजों के लिए खेलना मुश्किल बनाती है.”

पहले और आखिरी ओवर में बुमराह का कमाल

डुप्लेसी ने जो कहा इसका उदाहरण मैच में बुमराह की पहली ही गेंद पर देखने को मिला भी. इंग्लैंड की पारी के 5वें ओवर में बॉलिंग के लिए आए बुमराह की पहली ही गेंद स्लोअर थी और उनके एक्शन के कारण इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक इसे समझ नहीं पाए. उन्होंने शॉट खेलना चाहा लेकिन आखिरी वक्त पर गेंद की रफ्तार से मात खा गए और कैच उछल गया. अक्षर पटेल ने एक बेहतरीन कैच लपक कर भारतीय टीम को बड़ी सफलता दिलाई.

बुमराह का दूसरा बड़ा योगदान 18वें ओवर में आया, जब इंग्लैंड को 18 गेंदों पर 45 रन चाहिए थे. बुमराह ने उस ओवर में सिर्फ 6 रन दिए और मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया. इस ओवर का उदाहरण देते हुए डुप्लेसी ने कहा, “उस ओवर में बल्लेबाजों को पता था कि या तो फुल बॉल आएगी या फिर स्लोअर होगी या यॉर्कर होंगी. दो फुलटॉस उस ओवर में आईं लेकिन सैम करन उन पर शॉट खेलने में लेट हो गए. कोई दूसरा बॉलर ऐसी गेंदों पर छक्का खा जाता.”

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