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बालकनी के गमले में ही उगा सकते हैं अनार के फल, नोट कर लें स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस

अनार के फल
Image Source : YOUTUBE – GARDENING IDEAS

अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों के लिए गमलों में अनार उगाना एक बढ़िया ऑप्शन है, क्योंकि यह पौधा गमलों में बहुत अच्छी तरह बढ़ता है और इसे ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत नहीं होती। इसलिए, आप अपनी छत या बालकनी में गमले में अनार का एक हेल्दी पौधा उगा सकते हैं। अपनी छत या बालकनी में गमलों में अनार उगाने के 7 ज़रूरी स्टेप्स ये हैं।

अनार को उगाने के लिए ये स्टेप करें फॉलो:

  • बड़ा गमला चुनें: पहला स्टेप है एक बड़ा गमला चुनना जिसमें पानी निकलने के अच्छे छेद हों। लगभग 12-18 इंच गहरा और चौड़ा गमला अच्छा काम करता है क्योंकि अनार की जड़ों को बढ़ने के लिए काफ़ी जगह चाहिए होती है। बीज के बजाय नर्सरी से हेल्दी पौधा लगाना बेहतर है, क्योंकि पौधे तेज़ी से बढ़ते हैं और जल्दी फल देना शुरू कर देते हैं।

  • मिट्टी का करें इस्तेमाल: अनार के पौधों को अच्छी पानी निकलने वाली, थोड़ी एसिडिक से न्यूट्रल मिट्टी पसंद होती है, जिसका pH 5.5 और 7 के बीच हो। कम्पोस्ट, कोकोपीट और वर्मीकम्पोस्ट को मिलाकर पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी का मिक्स तैयार किया जा सकता है। 

  • धूप वाली जगह पर रखें: अनार के गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ उसे कम से कम 6-8 घंटे सीधी धूप मिले। इस तरह, पौधे को काफी धूप मिलेगी जिससे वह अच्छी तरह बढ़ेगा और ज्यादा फल देगा। अगर पौधे को धूप नहीं मिलती है, तो उसमें पत्तियाँ उगना शुरू हो सकती हैं, लेकिन फलों का प्रोडक्शन कम हो सकता है

  • पानी देना है ज़रूरी: गमलों में अनार के पौधों की देखभाल के लिए पानी देना ज़रूरी स्टेप है। मिट्टी नम रहनी चाहिए लेकिन पानी भरा नहीं होना चाहिए। पौधे को तभी पानी दें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे। गर्मी के मौसम पौधे को ज़्यादा बार पानी देने की ज़रूरत पड़ सकती है।

  • रेगुलर खाद दें: गमलों में लगे अनार के पौधों को रेगुलर खाद की ज़रूरत पड़ सकती है क्योंकि गमलों में न्यूट्रिएंट्स जल्दी खत्म हो जाते हैं। हर 4-6 हफ़्ते में कम्पोस्ट, गोबर की खाद या बैलेंस्ड फर्टिलाइज़र जैसे ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र डालने से पौधे की हेल्थ बनी रहती है। 

  • सूखी, कमज़ोर डालियों को हटा दें: पौधे की वृद्धि के लिए सूखी, कमजोर, पीली डालियों और पत्तों को काटना ज़रूरी है। यह प्रक्रिया पौधे को मृत ऊतकों को ऊर्जा बर्बाद करने से रोकती है, फंगल संक्रमण को कम करती है और पोषक तत्वों को नई, स्वस्थ शाखाओं तक पहुंचाती है। 

  • मिक्सचर स्प्रे करें: अनार के पौदे में भी कीड़ा लगने का खतरा बढ़ता है। इसलिए पौधे की पत्तियों पर नीम और पानी का मिक्सचर स्प्रे करें। इससे कीड़े दूर रहेंगे। पौधे के आस-पास हवा का अच्छा सर्कुलेशन और साफ़-सफ़ाई भी कीड़ों की समस्या को कम करने में मदद करेगी। 

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