
सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने तमिल मीडिया आउटलेट ‘नकीरन’ को ईशा फाउंडेशन और सद्गुरु के खिलाफ विवादित कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है.हाई कोर्ट ने नकीरन को निर्देश दिया है कि वे सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन से जुड़े उन सभी विवादित वीडियो और लेखों को हटा दें, जो भ्रामक या मानहानि करने वाले हैं.
फाउंडेशन ने दिसंबर 2025 में कोर्ट में अर्जी दी थी कि उनके खिलाफ झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं, जिससे उनके समाज कल्याण के कामों में रुकावट आ रही है. कोर्ट ने नकीरन को ऐसी सामग्री दोबारा प्रकाशित न करने के लिए भी कहा है.
सच की जीत हुई है- ईशा फाउंडेशन
ईशा फाउंडेशन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कुछ लोग बिना किसी सबूत के जानबूझकर जनता को गुमराह कर रहे थे, लेकिन सच की जीत हुई है. ईशा फाउंडेशन ने कहा कि हम दिल्ली हाई कोर्ट के इस अंतरिम आदेश का स्वागत करते हैं.
‘मदद करने का हमारा संकल्प नहीं रुकेगा’
पिछले 30 सालों से ज्यादा समय से ईशा फाउंडेशन समाज की भलाई और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है, जिससे करोड़ों लोगों को फायदा हुआ है. कुछ लोग जानबूझकर फाउंडेशन के काम को रोकने के लिए हमले कर रहे हैं. ईशा फाउंडेशन ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा. झूठ फैलाने या बदनाम करने की कोशिशों से लोगों की मदद करने का हमारा संकल्प नहीं रुकेगा.
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