सुपौल: अनुमंडल क्षेत्र राजेश्वरी थाना क्षेत्र में किशोर के साथ भीड़ तंत्र द्वारा मारपीट कर जबरन शादी कराने के मामले में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है. घटना 11 मार्च की देर संध्या हुई थी। शादी कराने के बाद नाबालिग को बंधक भी बना लिया.
घटना का वीडियो प्रसारित हुआ जिसमें पुलिस की मौजूदगी दिख रही थी. तब नाबालिग के पिता ने देर रात थाना पहुंच किशोरी की माता सहित अन्य को नामजद करते हुए पुत्र के अपहरण कर लिए जाने का आवेदन दिया. पुलिस ने प्राप्त आवेदन के आलोक में 12 मार्च को प्राथमिकी भी दर्ज कर ली और 22 घंटे बाद अगले दिन किशोर को बरामद भी कर लिया और 13 मार्च को नाबालिग लड़के को न्यायालय में पेश कर उसे स्वजन को सौंप दिया.
घटना के तीन दिन बाद 14 मार्च को किशोरी की माता ने थाने पहुंच आवेदन दिया और पुलिस ने किशोर पक्ष के लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली. संपूर्ण घटनाक्रम का रोचक पहलू यह है कि किशोर के पिता के आवेदन पर किशोरी पक्ष के लोगों पर और किशोरी की माता के आवेदन पर किशोर पक्ष पर पुलिस ने प्राथमिकी तो दर्ज कर ली, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले भीड़ के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई करने से परहेज़ बरता गया जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है.
इसे मामले में पूछने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि अनुसंधान की जा रही है, जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी.



