रीवा: ज़िले में चल रहे रिफ्यूज्ड डिराइव्ड फ्यूल (RDF) परिवहन मार्ग पर गुंडागर्दी, मारपीट और सरेआम अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने क़ानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
चित्रकूट, प्रयागराज एवं अन्य कई स्थानों से पहड़िया प्लांट तक RDF पहुँचाने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर दबंगों का क़ब्ज़ा हो चुका है, जिससे न केवल सरकारी काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि ड्राइवरों की जान भी जोखिम में है.
ताज़ा घटनाक्रम में, रैमकी कंपनी के तहत RDF परिवहन का काम करने वाले ट्रांसपोर्टर ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पहड़िया इलाके में कुछ चिन्हित लोग पिछले कई महीनों से आतंक का पर्याय बन चुके हैं। ये लोग गाड़ियों को रोककर ड्राइवरों के साथ मारपीट करते हैं, धमकी देते हैं और खुलेआम “गुंडा टैक्स” की मांग करते हैं.
शिकायत के मुताबिक, अवैध वसूली के इस काले खेल में खुद को ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ बताने वाले कुछ लोग शामिल हैं, आरोप है कि ये ये आए दिन परिवहन गाड़ियों को जबरन रोकते हैं, ड्राइवरों को धमकाते हैं और मनमानी रकम वसूलते हैं पीड़ित ड्राइवरों का आरोप है: “जो ड्राइवर इनकी अवैध मांग पूरी नहीं करता, उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती है, उसे धमकाया जाता है और गाड़ी आगे नहीं बढ़ने दी जाती.”
सरकारी काम में खुली बाधा
इन दबंगों की बढ़ती ताक़त का आलम यह है कि ड्राइवर अब इस रूट पर जाने से साफ़ इनकार कर रहे हैं. परिणाम यह हुआ है कि पहड़िया प्लांट तक RDF पहुँचाने का सरकारी काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, और कंपनी का पूरा परिवहन कार्य अवरुद्ध होने की कगार पर है.
पीड़ित पक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पहले भी पहड़िया प्लांट के जी.एम. द्वारा स्थानीय थाने में दी जा चुकी है, लेकिन चौंकाने वाला आरोप है कि शिकायतों के बावजूद दबंगों के हौसले कम होने के बजाय और बढ़ गए हैं। ये लोग सरेराह, ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ होने का परिचय देकर, वसूली का रैकेट चला रहे हैं.
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब ट्रांसपोर्टर और पैसे मांगने वाले युवकों के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वायरल ऑडियो से यह स्पष्ट हो जाता है कि आरोपी युवक किस तरह से खुलेआम ट्रांसपोर्टर से पैसे की मांग कर रहे हैं, जिससे अवैध वसूली की सारी सच्चाई सामने आ गई है.
ट्रांसपोर्टर और ड्राइवरों ने अब पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका स्पष्ट कहना है कि यह केवल गुंडागर्दी नहीं, बल्कि: सरकारी काम में खुली बाधा, क़ानून व्यवस्था को खुली चुनौती, खुलेआम वसूली का संगठित खेल, पीड़ित पक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई, तो हालात कभी भी विस्फोटक हो सकते हैं, जिससे बड़े गतिरोध की आशंका है.
क्या पहाड़िया क्षेत्र में चल रही इस कथित वसूली और दबंगई पर प्रशासन कब शिकंजा कसेगा?
क्या इन ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी?
और क्या सरकारी काम बाधित करने और मारपीट करने वाले इन दबंगों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
क्षेत्र में व्याप्त भय और तनाव को देखते हुए, प्रशासन के त्वरित और निर्णायक हस्तक्षेप की आवश्यकता है.




