
यूपी की सियासत से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यूपी सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद गोरखपुर की रैली में मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। जनता को संबोधित करने के दौरान वह रोए और जनता से अपील करते हुए कहा कि हमें मजबूत होना होगा। हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है।
संजय निषाद ने निषाद समुदाय के वोट छीने जाने का आरोप लगाया। उन्होंने निषाद पार्टी के लिए समर्थकों को खड़े होने को कहा। संजय निषाद ने कल गोरखपुर में रैली निकाली थी, जिसमें बाइक पर सवार होकर वो खुद रैली की जगह पहुंचे थे लेकिन जब रैली शुरू हुई तो वो निषाद समुदाय के साथ हुई नाइंसाफी की बात करते-करते भावुक हो गए। उसके बाद उन्होंने रोते हुए जनता से भावुक अपील की।
संजय निषाद ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, “निषादों को जिन्होनें बर्बाद किया है, उन्हें तुम अपने वोट से बर्बाद करो। वोट से बर्बाद कर दो। तब जाकर वो तुम्हारा काम करेंगे। तुम्हारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है। आज के दिन में तुम्हारे बच्चे कहां-कहां नहीं भीख मांग रहे हैं। आज के दिन में हमारे लोगों का वोट छीना गया है। मैं तो यही कहूंगा कि अपनी पार्टी खड़ी करो। खड़े हो जाओ कुर्सी से, पार्टी खड़ी करो, घर-घर झंडा लगाओ, बोलो जय निषाद राज, जय निषाद राज।” संजय निषाद के इस बयान को साल 2027 के चुनाव शंखनाद माना जा रहा है।
संजय निषाद के मंच पर फूट-फूटकर रोने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, “विदाई के समय पर आंसू तो आते ही हैं। ये रोना क्या प्रायश्चित माना जाए। अखिलेश यादव ने संजय निषाद को ऑफर भी दिया है कि अगर संजय निषाद को आरक्षण चाहिए तो वो PDA का झंडा उठाएं। जब संजय निषाद तक अखिलेश यादव के ऑफर की बात पहुंची तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। संजय निषाद ने कहा कि उन्हें बीजेपी पर पूरा भरोसा है। अगर बीजेपी दरवाजा बंद करेगी तो फिर दूसरे दलों के साथ जाने के बारे में सोचेंगे।
निषाद पार्टी का प्रभाव उत्तर प्रदेश की करीब 160 विधानसभा सीटों पर माना जाता है, जहां इसका वोट बैंक लगभग 4-5 प्रतिशत है। यह रैली समाज को एकजुट करने और एनडीए गठबंधन के साथ मजबूती दिखाने का प्रयास था। डॉ निषाद के भावुक होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने निषाद समुदाय की मांगों और राजनीतिक महत्वाकांक्षा को फिर से सुर्खियों में ला दिया। पार्टी आने वाले दिनों में और भी बड़े कार्यक्रमों की योजना बना रही है।



