
नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा झटका लग सकता है. यमुना प्राधिकरण की हालिया बोर्ड बैठक में संपत्ति दरें बढ़ाने के फैसले के बाद अब नोएडा प्राधिकरण भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है. जानकारी के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण जमीन की आवंटन दरों यानी की अलॉटमेंट रेट में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे अप्रैल में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा. यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो शहर में जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतों में सीधा असर देखने को मिलेगा.
सूत्रों के अनुसार, इस बार प्राधिकरण आवासीय औद्योगिक और ग्रुप हाउसिंग प्लॉट की दरों में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकता है. हालांकि, व्यवसायिक प्लॉट्स को फिलहाल इस बढ़ोतरी से अलग रखा जा सकता है, रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का मानना है की सबसे ज्यादा असर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पर पड़ेगा जिससे फ्लैट खरीदना आम लोगों के लिए और भी महंगा हो सकता है.
2022 से लगातार बढ़ रही हैं कीमते
नोएडा में जमीन की दरों में यह कोई पहले बढ़ोतरी नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में प्राधिकरण समय-समय पर दरों में इजाफा करता रहा है. साल 2022 के बाद से अलग-अलग सेक्टर और श्रेणियां में कई बार कीमते बढ़ाई जा चुकी हैं. कुछ सेक्टर में 2022 में 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी, 2023 में 6 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक दरें बढ़ी हैं. 2024 और 2025 में भी लगातार वृद्धि जारी रही है. अब एक बार फिर दरों में बढ़ोतरी की तैयारी से यह साफ है कि आने वाले समय में प्रॉपर्टी निवेश और महंगा होने वाला है. अगर जमीन की दरों की बढ़ोतरी की बात करें तो नोएडा प्राधिकरण जमीन की तरह तय करने के लिए एक विशेष समिति बनती है. यह समिति जमीन अधिग्रहण लागत विकास कार्य पर खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखती है. इसी आधार पर प्रति वर्ग मीटर दर तय की जाती है. इसके अलावा आसपास के क्षेत्र की कीमतें और मांग भी इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती है.
एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बड़ी मांग
रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते जमीन की मांग तेजी से बढ़ गई है. खासतौर पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन की कीमतों में तेजी आए हैं. एयरपोर्ट के संचालन के बाद इस क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाएं और बढ़ेंगी, जिससे प्राधिकरण दरें बढ़ाने के मूड में है.
अप्रैल बोर्ड बैठक में होगा अंतिम फैसला
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने बताया कि प्राधिकरण का वित्त विभाग इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रहा है. इसे अप्रैल में होने वाली बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा. बोर्ड की मंजूरी मिलते ही नई तरह लागू कर दी जाएगी. इससे पहले मार्च में प्रस्ताव लाने की योजना थी, लेकिन अब इसे अप्रैल बैठक में रखा जाएगा. उनका यह भी कहना है की जमीन की आवंटन दरों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद ही नई दरें लागू होंगी.
खरीदार और निवेशकों पर असर
यदि दरों में बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर प्रॉपर्टी खरीदने वाले लोगों पर पड़ेगा. फ्लैट प्लॉट और औद्योगिक जमीन महंगी हो जाएंगी, जिससे आम खरीदारों की जेब पर बोझ बढ़ सकता है. वहीं, निवेशकों के लिए यह एक संकेत भी है कि आने वाले समय में प्रॉपर्टी की कीमती और ऊपर जा सकती हैं. नोएडा में तेजी से हो रही विकास बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े प्रोजेक्ट के चलते जमीन की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है.
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