
Hast Rekha: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के गुरु और शुक्र पर्वत का विशेष महत्व है. हथेली का गुरु पर्वत जहां मान-सम्मान धन और प्रतिष्ठा का प्रतिनिधित्व रहता है, वहीं शुक्र पर्वत से जातक की आर्थिक स्थिति और राजसुख का पता लगाया जा सकता है. हस्तरेखा शास्त्र के जानकार बताते हैं कि जिन लोगों की हथेली में ये पर्वत पुष्ट और उभरे हुए होते हैं, वे अत्यंत भाग्यशाली माने जाते हैं. ऐसे जातकों को जीवन में अथाह सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. इसके अलावा ऐसे जातकों पर धन की देवी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा भी रहती है. हस्तरेखा शास्त्र की मानें तो शुक्र और गुरु पर्वत के बीच का स्थान देवस्थान कहा जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि हथेली में गुरु और शुक्र पर्वत कहां होता है और ये धन और ऐश्वर्य को लेकर क्या कुछ खास संकेत देते हैं.
हथेली में कहां होता है शुक्र पर्वत?
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, शुक्र पर्वत मणिबंध और अंगूठे के नीचे के उभरे हुए हिस्से को कहा जाता है. ऐसे में जिन लोगों की हथेली में यह पर्वत पूरी तरह से विकसित और उभरा हुआ होता है, उन्हें जीवन भर भौतिक सुख और संमृद्धि की प्राप्ति होती है. ऐसे में जन्म से ही धनवान होते हैं. ऐसे जातकों के जीवन में कभी भी धन का अभाव नहीं रहता. ये जिस क्षेत्र में अपना कदम रखते हैं, उससे अथाह धन-संपत्ति अर्जित करते हैं. ऐसे लोगों एक उम्र के बाद राजयोग जैसा सुख भी प्राप्त होता है. कुल मिलाकर हथेली का शुक्र पर्वत जातक के धन और ऐश्वर्य को दर्शाता है.
हथेली में कहां होता है गुरु पर्वत
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली में गुरु पर्वत तर्जनी उंगली के ठीक नीचे का हिस्सा होता है. हस्तरेखा शास्त्र के जानकारों की मानें तो जिन लोगों की हथेली में गुरु पर्वत पुष्ट और उभरा हुआ होता है, वे बेहद भाग्यशाली और धनवान माने जाते हैं. ऐसे जातक कम मेहनत में ही बड़े से बड़े लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर लेते हैं. बृहस्पति ग्रह की कृपा से इन्हें समाज में खूब मान-सम्मान मिलता है. इसके अलावा ऐसा जातकों को कार्यस्थल पर भी मान-सम्मान प्राप्त होता है. जिन जातकों की हथेली में गुरु पर्वत पुष्ट होता है, वे सरकारी नौकरी में भी ऊंचा कद हासिल करते हैं. आमतौर पर ऐसे लोग बैंकिग, लेखन, मैनेंजमेंट और सरकारी नौकरी में करियर बनाते हैं. इसके अलावा ऐसा लोग धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं.
गुरु पर्वत पर मौजूद ये निशा होते हैं शुभ
क्रॉस का निशान- हथेली में गुरु पर्वत उंगली के नीचे स्थित होता है. ऐसे में इस स्थान पर क्रॉस का निशान शुभ माना जाता है. गुरु पर्वत पर मौजूद यह निशान संकेत देता है कि जातक का दांपत्य जीवन बेहद सुखद और खुशियों से भरा रहेगा. ऐसे जातकों को दांपत्य जीवन का भरपूर सुख प्राप्त होता है. चौकोर निशान- हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, गुरु पर्वत पर एक चौकोर चिह्न का होना जातक की प्रतिष्ठा को दर्शाता है. ऐसे लोग अपने जीवन काल में एक अच्छे शिक्षक या मार्गदर्शक बनकर ख्याति प्राप्त करते हैं.
त्रिभुज का निशान- गुरु पर्वत पर त्रिभुज का निशान बेहद शुभ माना गया है. गुरु पर्वत पर मौजूद यह निशान इस बात का संकेत देता है कि जातक कूटनीति और राजनीति में चालक होंगे. इसके अलावा ऐसे लोग प्रशासनिक सेवाओं में उच्च पद प्राप्त करते हैं.
शुक्र पर्वत पर स्थित ये निशान हैं शुभ
मछली का निशान- हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हथेली में शुक्र पर्वत अंगूठे के नीचे के हिस्से को कहा जाता है. ऐसे में इस पर्वत पर मछली का निशान बेहद मंगलकारी होता है. ऐसे जातक अपने जीवन काल में अकूत संपत्ति अर्जित करते हैं. इसके अलावा इनके जीवन में सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं होती.
स्टार का निशान- हस्तरेखा शास्त्र के जानकारों की मानें तो हथेली के शुक्र पर्वत पर स्टार का निशान होना शुभ है. शुक्र पर्वत पर मौजूद यह निशान इस बात का संकेत देता है जातक कला के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा. ऐसे लोगों का जीवन बेहद आकर्षक और ऐश्वर्य से भरा होता है.



