
गर्मियों के मौसम में जहां एक तरफ AC चलना जरूरी हो जाता है, वहीं LPG की किल्लत के चलते कई घरों में इंडक्शन चूल्हा भी तेजी से इस्तेमाल होने लगा है. लेकिन अगर आप इन दोनों उपकरणों को एक साथ चलाते हैं, तो यह सिर्फ बिजली बिल ही नहीं बढ़ाएगा, बल्कि आपको बिजली विभाग से नोटिस तक मिल सकता है. कई मामलों में जुर्माना भी लगाया जा सकता है. असल में समस्या इन दोनों डिवाइस की ज्यादा बिजली खपत से जुड़ी है. जब घर में एक साथ कई हाई-पावर उपकरण चलते हैं, तो आपके कनेक्शन पर तय लोड से ज्यादा दबाव पड़ता है, जो नियमों के खिलाफ माना जाता है.
कितनी बिजली खपत करते हैं ये उपकरण
आजकल मार्केट में मिलने वाले इंडक्शन चूल्हे आमतौर पर 1 किलोवॉट से 2 किलोवॉट तक के होते हैं. ज्यादातर लोग 2 किलोवॉट का इंडक्शन खरीदते हैं ताकि खाना जल्दी तैयार हो सके. वहीं AC की बात करें तो घरों में 1 टन से 2 टन तक के एयर कंडीशनर लगे होते हैं. एक 1 टन AC करीब 1.2 से 1.5 किलोवॉट तक बिजली खपत करता है, जबकि 1.5 टन AC लगभग 1.5 से 2 किलोवॉट तक लोड ले सकता है. इसका मतलब साफ है कि अगर आप सिर्फ AC ही चला रहे हैं, तो भी आपके कनेक्शन में कम से कम 3 किलोवॉट का लोड होना चाहिए.
एक साथ चलाने पर क्या होगा असर
अब सोचिए अगर आपके घर में 2 किलोवॉट का इंडक्शन और करीब 2 किलोवॉट का AC एक साथ चल रहा है, तो सिर्फ ये दोनों ही मिलकर करीब 4 किलोवॉट का लोड ले लेंगे. इसके अलावा घर में पंखा, फ्रिज, टीवी, कूलर जैसे अन्य उपकरण भी चलते रहते हैं. ऐसे में कुल बिजली खपत आसानी से आपके कनेक्शन की लिमिट से ऊपर जा सकती है. अगर आपका बिजली कनेक्शन 2 किलोवॉट या 3 किलोवॉट का है, तो यह ओवरलोड की स्थिति बन जाती है. बिजली विभाग ऐसे मामलों को ट्रैक करता है और जब खपत तय सीमा से ज्यादा होती है, तो उपभोक्ता को नोटिस भेजा जा सकता है.
नोटिस और जुर्माने का खतरा क्यों
बिजली विभाग हर कनेक्शन के लिए एक तय लोड मंजूर करता है. अगर कोई उपभोक्ता लगातार उससे ज्यादा बिजली इस्तेमाल करता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाता है. ऐसी स्थिति में विभाग आपको लोड बढ़ाने के लिए कह सकता है. कई बार सीधे जुर्माना भी लगाया जाता है, खासकर तब जब ओवरलोड लंबे समय तक चलता रहता है. देश के अलग-अलग राज्यों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं.
अगर दोनों चलाने ही हैं तो क्या करें
अगर आपके घर में इंडक्शन और AC दोनों जरूरी हैं और आप इन्हें साथ में चलाना चाहते हैं, तो सबसे सुरक्षित तरीका है कि अपने बिजली कनेक्शन का लोड बढ़वा लें. इसके लिए आप अपने नजदीकी बिजली विभाग में आवेदन दे सकते हैं. खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश के उपभोक्ता Uttar Pradesh Power Corporation Limited (UPPCL) के ऐप या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी आसानी से बिजली लोड बढ़ाने की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप नियमित रूप से इंडक्शन और AC एक साथ इस्तेमाल करते हैं, तो कम से कम 6 किलोवॉट का कनेक्शन लेना बेहतर रहेगा. इससे न सिर्फ ओवरलोड की समस्या खत्म होगी, बल्कि नोटिस या जुर्माने का जोखिम भी नहीं रहेगा.
आम यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
आज के समय में घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन ज्यादातर लोग अपने बिजली कनेक्शन का लोड अपडेट नहीं करवाते. यही वजह है कि बाद में परेशानी होती है. इसलिए अगर आप नए हाई-पावर डिवाइस खरीद रहे हैं, तो पहले अपने कनेक्शन की क्षमता जरूर जांच लें. थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े झंझट और खर्च से बचा सकती है.



