डीडवाना कुचामन : प्रदेश में बढ़ती साइबर ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के मद्देनजर डीडवाना कुचामन जिले की नावां पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है.इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया है,
जिनकी पहचान जितेंद्र सिंह (मुख्य आरोपी), महेश कुमार, दीपक, राजेंद्र और राजेश के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन सहित दो स्कॉर्पियो कार भी जब्त की है.
घटना उस समय सामने आई जब नावां थाने के एएसआई परमा राम अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इस दौरान पुलिस को ये युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लैपटॉप और मोबाइल के साथ गतिविधियों में लिप्त नजर आए. पूछताछ करने पर आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिस पर पुलिस उन्हें थाने ले आई. गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी युवक संगठित गिरोह बनाकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे.
थानाधिकारी नंद लाल रिणवा ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक और प्रलोभन भरे विज्ञापन तैयार करते थे.इन विज्ञापनों में, लॉटरी, गेम, नौकरी, लोन, निवेश या सस्ते सामान का लालच देकर लोगों को फंसाया जाता था.जब कोई व्यक्ति इनके जाल में आता, तो ये उससे विभिन्न बहानों से पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे.कई मामलों में ये फर्जी लिंक भेजकर भी भोले भाले लोगों को फंसाते थे.
वृताधिकारी मुकेश चौधरी ने बताया कि सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है.रिमांड के दौरान पूछताछ में इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 117, 318, 111(1,2,3,4) तथा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.उन्होंने कहा कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ था.
एएसपी नेहरा ने युवाओं को सख्त संदेश देते हुए कहा कि “जल्दी पैसा कमाने के लालच में गलत रास्ता अपनाने वाले अंततः कानून के शिकंजे में आ ही जाते हैं.ऐसे रास्ते न केवल भविष्य बर्बाद करते हैं, बल्कि परिवार और समाज में भी बदनामी का कारण बनते हैं. युवाओं को चाहिए कि वे अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएं और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी जैसी गतिविधियों से दूररहें।.”
डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर आने वाले किसी भी प्रलोभन या संदिग्ध लिंक पर विश्वास न करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें.



