धमतरी: शहर से सटे हटकेश्वर इलाके में लंबे समय से फल-फूल रहे अवैध प्लॉटिंग के खेल पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोजर चल गया। राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए उन कॉलोनियों की ‘कमर’ तोड़ दी, जो बिना अनुमति खेतों को प्लॉट में बदलकर खड़ी की जा रही थीं।
खेतों को प्लॉट में बदलने का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि कुछ भू-स्वामी नियमों को दरकिनार कर कृषि भूमि का स्वरूप बदल रहे थे। तुषार राजपुरिया, संजय दास और समीर कुकरेजा द्वारा खसरा नंबर 126/1, 126/2 और 126/3 की जमीन पर बिना डायवर्सन कराए मुरूम डालकर सड़कनुमा ढांचा तैयार किया जा रहा था। इसी तरह ओजस सिन्हा ने खसरा नंबर 774 और 775 में बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की मंजूरी के ले-आउट तैयार कर प्लॉटिंग शुरू कर दी थी। सीमा हरदेल के मामले में भी खसरा नंबर 77 पर इसी तरह की गड़बड़ी सामने आई।
सूत्रों के मुताबिक, इन सभी को पहले ही नोटिस जारी कर काम रोकने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन ‘मुनाफे के खेल’ में नियमों को नजरअंदाज कर निर्माण जारी रखा गया। नतीजतन प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।

कड़ी कार्रवाई और सामग्री जब्त
शनिवार को टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों से अवैध रूप से बनाई गई सड़कों को उखाड़ दिया। मौके से मुरूम और अन्य निर्माण सामग्री भी जब्त की गई। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अन्य अवैध प्लॉटिंग करने वालों में भी खौफ का माहौल देखा गया।
चेतावनी: सस्ती जमीन के झांसे में न आएं
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना वैधानिक अनुमति के जमीन का उपयोग बदलने या कॉलोनी विकसित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही आम लोगों को भी चेताया गया है कि सस्ती जमीन के लालच में बिना जांच-पड़ताल के प्लॉट खरीदना भारी पड़ सकता है।
जिला प्रशासन का कहना है कि अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आने वाले दिनों में ऐसे और ‘काले कारोबार’ उजागर हो सकते हैं।



