

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 69794 स्मार्टफोन का उपहार दिया। इसके अलावा उन्होंने 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 10553 इंफॉण्टोमीटर और 58237 वजन तौलने की मशीनें भी वितरित कीं। सीएम योगी ने इस मौके पर सभी नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। सीएम योगी ने कहा, “मैं पिछले चार साल से इस विभाग के पीछे पड़ा हूं कि हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास एक स्मार्टफोन होना चाहिए। वह जो मेहनत करती हैं उसका रियल टाइम डाटा हमें समय पर नहीं मिल पाता है, समय पर डाटा अपलोड न पाने की वजह से हमारी रैंकिंग कम होती है, इसलिए स्मार्टफोन देना और उन्हें इसके उपयोग में पारंगत करना आवश्यक है। आपकी भूमिका कितनी बढ़ने वाली है, इसलिए हर प्रकार की सुविधा देने के लिए काम को आगे बढ़ाया जा रहा है।”
सीएम योगी ने कहा, “2017 से पहले पोषाहार के वितरण का ठेका उत्तर भारत के सबसे बड़े शराब माफिया को दिया गया था और वही सब तय करता था। जब सरकार बनी तो इसे देखकर मैं भौचक था। मैंने कहा ये तो शराब माफिया है, इसका यहां क्या काम, लेकिन नहीं सब काम वही करता था। पोषाहार कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं पहुंचता था। गुणवत्ता इतनी खराब थी कि खाने की स्थिति नहीं होती थी और इसलिए यूपी बिमारू था। ये लोग वही पाप करने वाले लोग हैं जो बच्चों के पोषाहार पर डकैती डालने का काम करते हैं। 2017 के पहले चयन में पैसा चलता था आज ईमानदारी से चयन हो रहा है।”
सीएम योगी ने कहा, “आज यहां 69 हजार से भी अधिक स्मार्टफोन वितरित किये गये हैं, इससे रियल टाइम पर अपडेट मिल सकेगा। जैसे ही डाटा सही होगा तो हम रैंकिंग में भी ऊपर आएंगे। हर आंगनबाड़ी केंद्र अब एक डिजिटल सेवा का केंद्र बन गया है। इसके अलावा 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 10553 इंफॉण्टोमीटर और 58237 वजन तौलने की मशीनें भी प्रदान की गईं। ये काम पहले भी हो सकता था, लेकिन उनको फुर्सत ही नहीं थी। गरीब की पीड़ा को जिसने देखा होगा वही गरीब की पीड़ा को समझ सकता है। जो चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए होंगे वो उस पीड़ा से नहीं जुड़ सकते हैं। उनके लिए सबकुछ उनके परिवार के लिए चाहिए।”
सीएम योगी ने आगे कहा, “अगर स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र होगा तो आपका मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। मैंने विभाग से कह दिया है अतिशीघ्र सम्मानजनक मानदेय का प्रस्ताव आगे बढ़ाओ, सम्मानजनक मानदेय मिलना चाहिए, मतलब न्यूनतम मानदेय की गारंटी मिलनी चाहिए। जो प्रदेश के हित में काम करेगा, प्रदेश के बचपन को संवारेगा, राज्य सरकार उसके साथ खड़ी होकर उसे सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए काम करेगी। जब प्रदेश संकट में था तो उस समय बड़े से बड़े लोग पस्त थे, बहुत लोग बहाना कर देते थे, लेकिन तब भी आप लोग घर-घर स्क्रीनिंग का काम करते थे। इसलिए सरकार के मन भी है कि आप लोगों को इस प्रकार से आगे बढ़ाना है, इसलिए आप लोगों को स्मार्टफोन वितरित किया गया है। इससे हर काम में स्मार्टनेस भी दिखेगी।”
सीएम योगी ने कहा, “इसी अप्रैल से हम लोगों ने जितने भी आउटसोर्स कर्मी हैं, इनके लिए कॉर्पोरेशन गठित किया है। पहले क्या होता था? जितनी आउटसोर्स कंपनियां थीं, ज्यादातर कोई ना कोई माफिया या कोई ना कोई नेता संचालित करता था और शोषण करता था। सरकार से 10,000-12,000 आता था और उस कार्मिक को 5,000-6,000 मिलता था। वह सरकार से भी लेता था, उस कार्मिक से भी लेता था और साथ-साथ नियुक्ति के समय भी उससे पैसा लेता था। 4 हजार, 5-6 हजार रुपये में क्या होगा किसी का? आज के समय में इतना पैसे से क्या कोई देखभाल कर पाएगा? मैंने विभाग को बुलाकर बहुत सख्ती से कह रखा है हर हाल में इसको अप्रैल से लागू करें।



