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शरीर को चलाते रहना सिर्फ वजन घटाने के लिए नहीं, जान बचाने के लिए भी जरूरी है। शुरुआत में रनिंग मुश्किल लगती है, मांसपेशियों में दर्द होता है, सांस फूलती है लेकिन धीरे-धीरे यही रनिंग बॉडी को नई ताकत देती है। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर और दिल मजबूत होता है। इससे नई रक्त-वाहिकाएं बनती हैं और नीचे के हिस्से यानी पैरों की नसों में खून जमने का खतरा भी कम होता है। यही सबसे अहम बात है क्योंकि जब कमर के नीचे की सेहत पर ध्यान नहीं दिया जाता, घंटों बैठे रहते हैं, बिलकुल मूवमेंट नहीं होता तो पैरों की गहरी नसों में खून का थक्का बन सकता है। इसे DVT कहते हैं और यही थक्का अगर टूटकर फेफड़ों की नसों तक पहुंच जाए तो बनती है पल्मोनरी इम्बोलिज्म, यानि ऐसी मेडिकल इमरजेंसी, जिसमें अचानक सांस फूल सकती है। ऐसे में सीने में तेज दर्द हो सकता है और धड़कन बेकाबू हो सकती है। कई बार हालात कुछ ही मिनटों में गंभीर हो सकते हैं। यानि खतरा सिर्फ पैरों तक नहीं रहता, नीचे बना थक्का ऊपर जाकर सांस भी रोक सकता है?
सबसे ज्यादा असर फेफड़ों और दिल पर पड़ता है। फेफड़ों में ऑक्सीजन का फ्लो रुकता है। दिल के दाहिने हिस्से पर जोर बढ़ता है, चक्कर, बेहोशी, चेहरे या पैरों में सूजन, यहां तक कि शॉक और हार्ट फेलियर जैसी नौबत भी आ सकती है। कुछ मामलों में दिमाग तक असर पहुंचने का खतरा भी बन जाता है। यानी जो लोग घंटों बैठे रहते हैं, सर्जरी के बाद बिस्तर पर हैं, बहुत कम चलते हैं, डिहाइड्रेट रहते हैं या लंबी यात्रा करते हैं उन्हें सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
इसलिए रनिंग, वॉक, एंकल मूवमेंट, पानी और एक्टिव लाइफस्टाइल ये छोटी बातें नहीं हैं। ये ब्लड क्लॉट जैसी बड़ी मुसीबत से बचाव की पहली ढाल हैं। ये सब योगगुरु रामदेव भी सिखाते हैं और पैरों को होने वाले नुकसान से बचाने वाले टिप्स भी बताते हैं। आइये स्वामी रामदेव से जानते हैं पैरों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने और वेरिकोज वेन्स के लिए उपाय।
नसों की बीमारी की वजह
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घंटों बैठकर काम
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लगातार खड़े रहना
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बढ़ती उम्र
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मोटापा
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नो फिजि़कल एक्टिविटी
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फैमिली हिस्ट्री
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हार्मोनल चेंजेज
वैरिकोज़ वेन्स का इलाज
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कपिंग थेरेपी
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लीच थेरेपी
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मिट्टी लेप
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रश्मि चिकित्सा
नर्व्स बनेंगे मजबूत
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गिलोय
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अश्वगंधा
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गुग्गुल
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गोखरू
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पुनर्नवा
नसों का रखें ख्याल
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वजन कंट्रोल
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कम नमक
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कम चीनी
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टाइट कपड़े ना पहने
नसों में कारगर
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मिट्टी के लेप
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मुल्तानी मिट्टी
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एलोवेरा
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हल्दी
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कपूर
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नीम
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गुग्गुल



