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Vikat Sankashti Chaturthi 2026 Vrat Niyam: संकष्टी चतुर्थी पर क्या खाएं और क्या नहीं? इन 5 चीजों को हाथ भी न लगाएं

Vikat Sankashti Chaturthi 2026 Vrat Niyam: संकष्टी चतुर्थी पर क्या खाएं और क्या नहीं? इन 5 चीजों को हाथ भी न लगाएं

Sankashti Chaturthi 2026: विकट संकष्टी चतुर्थी का पावन व्रत वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है, साल 2026 में यह व्रत 5 अप्रैल को मनाया जा रहा है. यह मंगलकारी दिन पूरी तरह से भगवान गणेश की भक्ति को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को श्रद्धापूर्वक रखने से जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. इस दिन भक्त सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक उपवास रखते हैं और रात को चंद्रमा के दर्शन व अर्घ्य देने के बाद ही अपना व्रत खोलते हैं. व्रत के दौरान खान-पान की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है, नहीं तो आपकी छोटी सी भूल व्रत को खंडित कर सकती है. आइए जानते हैं विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन किन गलतियों से बचना चाहिए.

व्रत के दौरान भूलकर भी न खाएं ये चीजें?

विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत में कुछ चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए नहीं तो इससे व्रत टूट सकता है और पूजा का फल नहीं प्राप्त होता. चलिए जानते हैं, व्रत में कुछ चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है:

साधारण नमक: इसकी जगह केवल सेंधा नमक का उपयोग करें.

तामसिक भोजन: लहसुन, प्याज, शराब आदि से पूरी तरह दूर रहें.

ज्यादा तला-भुना भोजन: इससे पाचन पर असर पड़ सकता है और व्रत का उद्देश्य भी प्रभावित होता है.

पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड: इनमें कई प्रकार के प्रिजर्वेटिव होते हैं, जो व्रत के नियमों के अनुसार उचित नहीं माने जाते हैं.

व्रत के दौरान करें इन चीजों का सेवन

व्रत के समय सात्विक और हल्के चीजों का सेवन करना चाहिए. इस व्रत में अधिकतर लोग निर्जला व्रत रखते हैं, लेकिन यदि आप फलाहार करते हैं, तो आप इन चीजों का सेवन कर सकते हैं:

सूखे मेवे और फल: केला, सेब, पपीता, अंगूर जैसे फल और बादाम, काजू, किशमिश आदि ऊर्जा देते हैं.

मूंगफली और आलू: हल्के मसालों के साथ आलू या मूंगफली का सेवन किया जा सकता है.

सेंधा नमक: व्रत में सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का ही उपयोग करना चाहिए.

कुट्टू का आटा: इससे बनी रोटी या पकौड़ी व्रत में उपयुक्त होती है.

साबूदाना और सिंघाड़े का आटा: साबूदाना खिचड़ी, वड़ा या खीर व्रत में बहुत लोकप्रिय हैं. सिंघाड़े के आटे की पूड़ी या हलवा भी खाया जा सकता है.

व्रत में घर की शुद्धता और सात्विक आहार

संकष्टी चतुर्थी के पावन व्रत के दौरान खान-पान की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद चिप्स या प्रोसेस्ड फूड के बजाय घर पर तैयार किए गए सात्विक आहार को ही प्राथमिकता दें. शुद्ध घी में भुने हुए मखाने, साबूदाना खिचड़ी या कुट्टू के आटे से बने व्यंजन न केवल सेहत के लिए अच्छे होते हैं, बल्कि व्रत की मर्यादा भी बनाए रखते हैं.

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