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मॉक ड्रिल नहीं हकीकत! दुश्मन की सीमा में गिरा अमेरिकी पायलट, 48 घंटे के उस खौफनाक ऑपरेशन की पूरी कहानी

मॉक ड्रिल नहीं हकीकत! दुश्मन की सीमा में गिरा अमेरिकी पायलट, 48 घंटे के उस खौफनाक ऑपरेशन की पूरी कहानी

अमेरिका ने F-15E जेट गिराए जाने के बाद ईरान में लापता हुए पायलट को ढूंढ निकाला है. शुक्रवार को ईरान ने जेट को मार गिराया था. इस हमले के बाद एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि दूसरा पायलट लापता था. जो अब मिल गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ये एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि दुश्मन देश में जेट को मार गिराना और पायलट के लापता होने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे.आइए जानते हैं दो दिन के ऑपरेशन की पूरी कहानी.

दुश्मन देश में लापता पायलट को ढूंढना आसान नहीं था. ईरान भी उसे तलाश कर रहा था. ऐसे में अमेरिका को डर था कि कहीं पायलट उनके हाथ न लग जाए. हालांकि पायलट जिंदा है या नहीं इसको लेकर भी कई तरह की बातें की जा रही थीं. हालांकि अब पता चल गया है कि पायलट जिंदा है और सही सलामत मिल गया है. यह मिशन सिर्फ एक पायलट को बचाने का नहीं, बल्कि अमेरिका की साख से भी जुड़ा था.

कहां छिपा था पायलट

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के मुताबिक लापता पायलट ईरान के दुर्गम पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के पीछे था, जिसका दुश्मनों द्वारा लगातार पीछा किया जा रहा था. ईरान ने पायलट के ठिकाने के बारे में जानकारी देने वाले किसी भी नागरिक को 60,000 डॉलर का इनाम देने की भी घोषणा की थी.

ट्रंप का सीक्रेट मिशन

ट्रंप का कहना है कि बचाव अभियान को खतरे से बचाने के लिए इसे गुप्त रखा गया. उन्होंने कहा कि हम अपने दूसरे बचाव अभियान को खतरे में नहीं डालना चाहते थे इसलिए इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं थी. पायलट पर लगातार नजर रखी जा रही थी. ट्रंप के मुताबिक कमांडर इन चीफ, युद्ध सचिव,ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष और साथी योद्धा चौबीसों घंटे उसकी स्थिति पर नजर रख रहे थे और उसके बचाव की योजना बना रहे थे.

घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान भेजे

अमेरिकी सेना ने पायलट को वापस लाने के लिए दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान भेजे. ट्रंप ने बताया कि पायलट को चोटें आई हैं, लेकिन वह बिल्कुल ठीक हो जाएगा. उन्होंने कहा है कि सैन्य इतिहास में यह पहली बार है कि दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके में अलग-अलग बचाया गया है. उन्होंने कहा कि हम कभी भी किसी अमेरिकी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ेंगे!.

ट्रंप ने जाहिर की खुशी

ट्रंप ने कहा कि इन दोनों अभियानों को बिना एक भी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल हुए अंजाम देने में सक्षम होना, एक बार फिर यह साबित करता है कि हमने ईरानी आसमान पर जबरदस्त हवाई वर्चस्व और श्रेष्ठता हासिल कर ली है. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा क्षण है जिस पर सभी अमेरिकियों को, चाहे वे रिपब्लिकन हों, डेमोक्रेट हों या कोई और, गर्व होना चाहिए और एकजुट होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास वास्तव में विश्व के इतिहास में सबसे बेहतरीन, सबसे पेशेवर और सबसे घातक सेना है.

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