
Pomegranate Peel Uses: फल की दुकान पर लाल सुर्ख अनार देखते ही मुंह में पानी आ जाता है। आमतौर पर हम अनार के दाने खाकर उसके छिलके को कचरा समझकर फेंक देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद में अनार के छिलके को दानों से भी अधिक गुणकारी माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार अनार एक संपूर्ण औषधि है जिसका फल, फूल और छिलका तीनों ही शरीर को रोगों से मुक्त रखने में सहायक हैं।
आयुर्वेद के अनुसार अनार शरीर में वात, पित्त और कफ यानी तीनों दोषों को संतुलित करने की क्षमता रखता है। यह न केवल शरीर में रक्त की कमी को दूर करता है बल्कि कमजोरी मिटाकर आंतरिक बल भी प्रदान करता है। आज के दौर में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा के कारण यह फल साल भर उपलब्ध रहता है जिससे आप इसके औषधीय लाभ कभी भी ले सकते हैं।
पेट की समस्या के लिए रामबाण
गर्मियों के मौसम में थोड़ा सा भी तला-भुना या बाहरी खाना खाने से पाचन तंत्र बिगड़ जाता है जिससे अतिसार या दस्त की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में अनार के छिलके का चूर्ण किसी लाइफसेवर की तरह काम करता है।
अनार के छिलके के पाउडर को छाछ में मिलाएं और उसमें थोड़ा भुना हुआ जीरा डालकर सेवन करें। यह मिश्रण आंतों की सूजन को कम करता है और हानिकारक बैक्टीरिया का खात्मा करता है।
मुहांसों और दाग-धब्ब
अगर आप महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से थक चुके हैं तो अनार के छिलके का फेसपैक ट्राई करें। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण चेहरे के एक्ने और गहरे दाग-धब्बों को जड़ से मिटाते हैं।
छिलके के चूर्ण को गुलाबजल के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएं और हफ्ते में दो बार लगाएं। यह न केवल बैक्टीरिया खत्म करता है बल्कि त्वचा में प्राकृतिक निखार भी लाता है।
बवासीर और कब्ज में राहत
खराब जीवनशैली के कारण बवासीर और कब्ज की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आयुर्वेद के मुताबिक अनार के छिलके का पाउडर छाछ के साथ लेने से पाचन सुधरता है और मल त्याग की प्रक्रिया आसान होती है। यह पेट को साफ रखने में मदद करता है जिससे बवासीर के दर्द में आराम मिलता है।
बच्चों के पेट के कीड़े और हीमोग्लोबिन
अक्सर बच्चे बिना हाथ धोए खाना खा लेते हैं जिससे उनके पेट में कीड़े पड़ जाते हैं। रोजाना खाली पेट अनार के दानों का सेवन कराने से आंतों के कीड़े मर जाते हैं। इसके अलावा हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए भी 1 अनार रोजाना खाना चाहिए।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अनार का जूस पीने के बजाय इसके दानों को चबाकर खाना चाहिए। जूस में फाइबर की मात्रा कम हो जाती है जबकि दानों के साथ मिलने वाला फाइबर आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।



